कानपुर में चौबेपुर के भौसाना गांव के पास सोमवार शाम हुए सड़क हादसे में दो चचेरे भाई जिंदा जल गए। इनकी बाइक सामने से आ रहे ट्रैक्टर से टकरा गई। इसके बाद वाहनों में आग लग गई और दोनों युवक भी चपेट में आ गए।
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देर रात परिजनों ने शवों को सड़क पर रखकर हंगामा किया और मुआवजे की मांग की। आरोप लगाया कि फायरब्रिगेड की गाड़ियां देरी से आईं। समय से आ जाती तो शायद उनके बच्चों की जान बच जाती। भौसाना गांव के मजरा नुनियनपुरवा गांव निवासी बलजीत का बेटा सरमन (28), जगदीश का बेटा बृजेश (25) और भोला का बेटा नीरज किसी काम से बाइक से शिवराजपुर गए थे।
तीनों आपस में दूर के रिश्ते में चचेरे भाई थे। लौटते समय शाम करीब सात बजे निचली गंग नहर पुल पार करते ही जैसे ही शिवली रोड से अपने गांव की तरफ मुड़े तभी सामने से आ रहे ट्रैक्टर से टकरा गए। टक्कर के बाद ट्रैक्टर और बाइक में आग लग गई।
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हादसे में घायल सरमन और बृजेश भी जलने लगे। कुछ देर बाद पहुंचे ग्रामीणों ने फायरब्रिगेड को सूचना देकर आग बुझाने का प्रयास किया लेकिन तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी। वहीं दूर पड़े नीरज को ग्रामीणों ने अस्पताल पहुंचाया। इसके बाद फायरब्रिगेड व पुलिस पहुंची। वहीं घटना के बाद से ट्रैक्टर चालक फरार है।