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Kanpur: नीट में 109वीं रैंक पाकर आशी ने शहर में किया टॉप, बनना चाहती हैं न्यूरोलॉजिस्ट

Fri, 09 Sep 2022 09:20 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

नीट में आशी ने 109वीं रैंक पाकर शहर टॉप किया है। आशी न्यूरोलॉजिस्ट बनना चाहती हैं। आशी को 720 में से 696 अंक मिले हैं।
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नीट रिजल्ट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मेडिकल कॉलेजों में दाखिला पाने के लिए होने वाले नेशनल एलिजबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (नीट) में आशी पाठक ने देश में 109वीं रैंक पाकर शहर में टॉप किया है। आशी को 720 में से 696 अंक मिले हैं। उनको यह सफलता पहले प्रयास में मिली है।
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12वीं की परीक्षा के साथ आशी ने नीट का पेपर दिया था। आशी न्यूरोलॉजिस्ट बनना चाहती हैं। कल्याणपुर की रहने वाली आशी ने डीपीएस कल्याणपुर से 12वीं की परीक्षा 96 फीसदी अंकों के साथ पास की थी। आशी ने बताया कि कोचिंग के साथ घर पर 10 से 12 घंटे की पढ़ाई और सोशल मीडिया से दूरी बनाकर सफलता पाई है। उन्होंने बताया कि आठवीं में बायोलॉजी के प्रति रुचि जागी। कोरोना काल में डॉक्टरों की सेवा देखकर जज्बा और बढ़ गया। आशी के पिता अमित कुमार पाठक विकास नगर डिपो में हैं और मां शारदा देवी गृहिणी हैं।

दोस्तों ने चंदा जुटाया कर पढ़ाया, राजेश बनेंगे गांव के पहले डॉक्टर
नीट में राजेश कुमार सैनी को 11993वीं रैंक मिली है। राजेश के पिता विशुन सैनी की कुशीनगर के कुरमौरा गांव में छोटी सी लकड़ी की दुकान है। मां शांति देवी गृहिणी हैं। बड़ा भाई विनोद व छोटा भाई मुकेश मुंबई में प्राइवेट नौकरी कर रहे हैं ताकि घर खर्च चल सके। राजेश बताते हैं कि शहर आकर एक कोचिंग से तैयारी शुरू की थी। कोरोना काल में घर वालों की आर्थिक स्थिति खराब हो गई थी। इस दौरान उनके दोस्त करम सिंह ने साथियों संग मिलकर 17 हजार रुपये एकत्र कर राजेश को दे दिए। राजेश कहते हैं कि दोस्तों का यह एहसान कभी नहीं भूलूंगा। वह गांव के पहले डॉक्टर बनेेंगे। उन्होंने कहा कि मेरी कोशिश रहेगी कि डॉक्टर बनने के बाद किसी भी छात्र की पढ़ाई धन की वजह से न रुके।
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पिता की किराने की दुकान, बेटियां बनेंगी डॉक्टर 
दो बहनें अब एक साथ डॉक्टर बनेंगी। प्रियंका गुप्ता और पूजा गुप्ता ने एक साथ नीट पास किया है। प्रियंका के 595 अंक और 23282वीं रैंक हैं। पूजा के 645 अंक और 5598वीं रैंक है। आंबेडकर नगर में रहने वाली बहनों के पिता राम किशन गुप्ता गांव में किराने की दुकान चलाते हैं और मां अनीता गृहिणी हैं। प्रियंका पूजा से एक साल बड़ी है। पूजा ने बताया कि घर की आर्थिक स्थिति अच्छी न होने के बावजूद पिता ने कभी पढ़ाई में बाधा नहीं आने दी। प्रियंका कार्डियोलॉजिस्ट और पूजा न्यूरो विशेषज्ञ बनना चाहती हैं।

ड्राइवर का बेटा बनेगा डॉक्टर
मूल रूप से अयोध्या में रहने वाले दीपक कसौधन ने नीट में 4607वीं रैंक हासिल की है। दूसरे प्रयास में सफलता अर्जित करने वाले दीपक कहते हैं कि घर में आर्थिक संकट तो रहा लेकिन पिता ने कभी कोई कमी नहीं होने दी। पढ़ाई संबंधी हर जरूरत पूरी की। अब ऑन्कोलॉजिस्ट बनकर उनके सपने को पूरा करना हैं। दीपक के पिता लव कसौधन ड्राइवर हैं।
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परिवार के पहले डॉक्टर बनेंगे अरहम
बाबूपुरवा में रहने वाले मोहम्मद अरहम परिवार के पहले डॉक्टर बनेंगे। उनको नीट में 4548वीं रैंक मिली है। अरहम कहते हैं पिता का सपना था कि मैं डॉक्टर बनूं। उनके सपने को पूरा करने के लिए दिन रात मेहनत की। उन्होंने बताया कि पढ़ाई में एकाग्रता बेहद जरूरी है। अरहम के पिता मोहम्मद अजमत अंसारी टेलर और मां रोशन परवीन गृहिणी हैं।

कॉर्डियोलॉजिस्ट बनना चाहती हैं मलिका
अशोक नगर में रहने वाली मलिका बाजपेई ने तीसरे प्रयास में सफलता हासिल की है। उनको 5197वीं रैंक मिली है। पिता शरद बाजपेई निजी बैंक में कर्मचारी और मां सुचिता एलेन हाउस इंस्टीट्यूट में हैं। मलिका कहती हैं कि सोशल मीडिया से दूरी रख रोजाना आठ से दस घंटे पढ़ाई कर सफलता पाई है। वह कॉर्डियोलॉजिस्ट बनना चाहती हैं। 
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