पिता की किराने की दुकान, बेटियां बनेंगी डॉक्टर
दो बहनें अब एक साथ डॉक्टर बनेंगी। प्रियंका गुप्ता और पूजा गुप्ता ने एक साथ नीट पास किया है। प्रियंका के 595 अंक और 23282वीं रैंक हैं। पूजा के 645 अंक और 5598वीं रैंक है। आंबेडकर नगर में रहने वाली बहनों के पिता राम किशन गुप्ता गांव में किराने की दुकान चलाते हैं और मां अनीता गृहिणी हैं। प्रियंका पूजा से एक साल बड़ी है। पूजा ने बताया कि घर की आर्थिक स्थिति अच्छी न होने के बावजूद पिता ने कभी पढ़ाई में बाधा नहीं आने दी। प्रियंका कार्डियोलॉजिस्ट और पूजा न्यूरो विशेषज्ञ बनना चाहती हैं।
ड्राइवर का बेटा बनेगा डॉक्टर
मूल रूप से अयोध्या में रहने वाले दीपक कसौधन ने नीट में 4607वीं रैंक हासिल की है। दूसरे प्रयास में सफलता अर्जित करने वाले दीपक कहते हैं कि घर में आर्थिक संकट तो रहा लेकिन पिता ने कभी कोई कमी नहीं होने दी। पढ़ाई संबंधी हर जरूरत पूरी की। अब ऑन्कोलॉजिस्ट बनकर उनके सपने को पूरा करना हैं। दीपक के पिता लव कसौधन ड्राइवर हैं।
परिवार के पहले डॉक्टर बनेंगे अरहम
बाबूपुरवा में रहने वाले मोहम्मद अरहम परिवार के पहले डॉक्टर बनेंगे। उनको नीट में 4548वीं रैंक मिली है। अरहम कहते हैं पिता का सपना था कि मैं डॉक्टर बनूं। उनके सपने को पूरा करने के लिए दिन रात मेहनत की। उन्होंने बताया कि पढ़ाई में एकाग्रता बेहद जरूरी है। अरहम के पिता मोहम्मद अजमत अंसारी टेलर और मां रोशन परवीन गृहिणी हैं।
कॉर्डियोलॉजिस्ट बनना चाहती हैं मलिका
अशोक नगर में रहने वाली मलिका बाजपेई ने तीसरे प्रयास में सफलता हासिल की है। उनको 5197वीं रैंक मिली है। पिता शरद बाजपेई निजी बैंक में कर्मचारी और मां सुचिता एलेन हाउस इंस्टीट्यूट में हैं। मलिका कहती हैं कि सोशल मीडिया से दूरी रख रोजाना आठ से दस घंटे पढ़ाई कर सफलता पाई है। वह कॉर्डियोलॉजिस्ट बनना चाहती हैं।