गाली गलौज का जब विरोध किया, तो प्रवीण ने सुबह बात करने की बात कही, लेकिन नशे में धुत जयंत व हिमांशू लगातार हावी होते हुए धक्का मुक्की करने लगे। उक्त दोनों जब तक कुछ समझ पाते तब तक जयंत ने देशी तमंचा से शरद के सीने पर बाई हो सटा के गोली चला दी।
गोली लगते ही शरद मौके पर गिरकर तड़पने लगा। गोली चलने की आवाज सुनकर पास ही मौजूद अन्य लोग भी आ गए, लेकिन जयंत और हिमांशू द्वारा कई हवाई फायर करने से लोग इन्हें पकड़ने की हिम्मत नहीं जुटा सके। आनन-फानन में मामले की सूचना पुलिस को दी गई।
जब तक पुलिस मौके पर पहुंचती तब तक मृतक के परिजनों-ग्रामीणों ने दोनों आरोपियों की घेराबंदी कर दबोच लिया। वहीं गोली लगने से घायल शरद को जब सीएचसी लाया गया, तब डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं मृतक शरद के पिता दिनेश दुबे ने बताया कि उसका पुत्र बिल्हौर में इलेक्ट्रानिक दुकान में काम करता था।
छोटा भाई बोला हमाई दम चली गई
मृतक शरद दुबे के शव पर लिपट-लिपट कर रो रहे छोटा भाई सचिन मौके पर मौजूद अपने परिजनों से यही कर रहा था कि भैया हमाई दम थी। मेरा भाई चला गया, तो मेरी दम चली गई। हमने सपने में भी नहीं सोचा था कि हमारे भाई की मौत ऐसी होगी। मौके पर मौजूद परिवार के अन्य लोगों ने बताया कि परिवार के लोग शरद की शादी की तैयारियों पर चर्चा कर अगले वर्ष शादी करने पर विचार कर रहे थे।
आलाकत्ल बटाईदार के पास छिपाया है
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जयंत और हिमांशू गोली मारने के बाद खेतों से होती हुए गंगा कटरी के जंगलों में छिप गए थे। इससे पहले उक्त दोनों अपने एक खासम-खास बटाईदार के पास दो तमंचे और कई कारतूस छिपा गए हैं।
पुलिस इंस्पेक्टर आलोक कुमार ने बताया कि अभी पूरे मामले की तहकीकात की जा रही है। आरोपी और आलाकत्ल की सभी विस्तृत जानकारी अनुसंधान के बाद ही दी जाएगी। पीड़ित पक्ष द्वारा जयंत और हिमांशू सहित उनके दो अज्ञात साथियों के विरुद्ध तहरीर दी गई है, जिसके आधार पर रिपोर्ट लिखी जा रही है।