इटावा। जिला सहकारी बैंक के गबन में अब आईटी की इंटेलीजेंसी टीम ने भी अपना सर्वे शुरू कर दिया है। इससे अब और बड़ी कार्रवाई होने का अंदेशा है। सूत्रों के अनुसार, आईटी इंटेलीजेंसी की टीम कुछ बड़े नाम भी शामिल किए जा सकते हैं।
नौ जुलाई को को-ऑपरेटिव बैंक के मुख्य कार्यपालक अधिकारी दीपक गुप्ता ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि 2018 से 2023 के बीच 24.18 करोड़ रुपये के गबन की बात सामने आई थी। उन्होंने इस मामले में मुख्य आरोपी अखिलेश चतुर्वेदी समेत 10 लोगों को नामजद कराया था। इसके बाद विभागीय जांच के साथ ही पुलिस ने भी विवेचना शुरू कर दी थी। इसमें घोटाला 102 करोड़ रुपये तक पहुंच गया था।
इसमें दो सीए भाई-बहनों, एक सराफा कारोबारी, मुख्य आरोपी के पिता, पत्नी समेत कई और नाम प्रकाश में आए थे। सराफा कारोबारी, मुख्य आरोपी के परिजनों के खातों में रुपये भेजे जाने का आरोप था जबकि सीए भाई बहनों पर ऑडिट के दौरान रिपोर्ट सही नहीं लगाने का आरोप लगाया गया था। इस मामले में अब आईटी इंटेलीजेंसी की जांच शुरू होने के बाद गबन में कई अन्य नाम भी आने की आशंका जताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार, आईटी जल्द ही कई बड़े अधिकारियों और प्रबंधन के लोगों से पूछताछ कर सकती है। बता दें कि जिला सहकारी बैंक के वर्तमान में अध्यक्ष बदायूं से सपा सांसद आदित्य यादव हैं।