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UP: फतेहपुर में चली धर्मपरिवर्तन की फैक्टरी, 50 से अधिक मुकदमे…400 आरोपी, ये मामले आ चुके हैं सामने

Fri, 13 Sep 2024 08:35 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फतेहपुर

सार

Fatehpur News: मिशनरी का भांडाफोड़ 14 अप्रैल 2022 की शाम ईसीआई चर्च में विहिप के हंगामे के बाद हुआ था। उस समय पादरी मुकुल समेत 55 नामजद हुए। इस मामले की जांच में प्रयागराज नैनी स्थित एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी के चांसलर, वीसी समेत करीब 150 लोगों की नामजदगी बढ़ी।
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फतेहपुर धर्मांतरण मामला - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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पूरे देश में धर्म परिवर्तन का जाल बिछाने वाले जिले के मौलाना उमर गौतम को एनआईए कोर्ट ने महज तीन साल में आजीवन कारावास की सजा सुनाकर आस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कड़ा संदेश दिया है। वहीं जिले में धर्मपरिवर्तन की फैक्टरी चलाने वाले कानूनी दाव पेंच की वजह से बेखौफ घूम रहे हैं।

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बीते दो साल में ईसाई मिशनरी और मुस्लिम धर्म में परिवर्तन के दो बड़े मामले सामने आए। इनमें पुलिस प्रशासन की लाख कोशिशों के बाद मजबूत कार्रवाई नहीं दिखी। पंथुआ के मौलाना उमर गौतम का आजीवन कारावास के बाद लोग इलाकाई लोग घृणित कार्य के लिए माफ नहीं कर रहे हैं।

इस सजा को लोग कम मान रहे और फांसी की सजा चाहते हैं। मौलाना उमर व नुरुल हुदा प्रबंधक समेत तीन पर चार्जशीट लगने के करीब दो साल बीतने वाले हैं। यहां के मुकदमे में अभी कोई फैसला नहीं आ सका है। शहर के हरिहरगंज स्थित ईसीआई और प्रेस बिटेरियन चर्चों पर अवैध धर्मांतरण की फैक्टरी तीन से चार दशकों से चलती आ रही है।

150-150 लोगों पर दर्ज कराए गए थे मामले
मिशनरी का भांडाफोड़ 14 अप्रैल 2022 की शाम ईसीआई चर्च में विहिप के हंगामे के बाद हुआ। उस समय पादरी मुकुल समेत 55 नामजद हुए। इस मामले की जांच में प्रयागराज नैनी स्थित एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी के चांसलर, वीसी समेत करीब 150 लोग नामजदगी बढ़ी। इस एक मुकदमे के चार मामले धर्मपरिवर्तन पीड़ितों की ओर 150-150 लोगों पर दर्ज कराए गए।

2022 में हुआ था सामूहिक धर्मपरिवर्तन की फैक्टरी का भंडाफोड़
इस जांच में वर्ल्ड विजन संस्था, मिशन हास्पिटल संस्था समेत मिशनरी की कई संस्थाएं कार्रवाई के दायरे में आई। संस्थाओं को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिल सकी। सदर कोतवाली क्षेत्र तुराबअली का पुरवा सईद गार्डेन में 21 जून 2022 सामूहिक धर्मपरिवर्तन की फैक्टरी का भांडाफोड़ वाराणसी के सुधांशू की शिकायत पर हुआ था।

मुस्लिम धर्म की शिक्षा दिलाई जाती थी
यहां दो कमरों में 60 छात्र मिले थे। दूर-दूर के जिलों से बेरोजगारों को रोजगार का लालच देकर युवकों को बिहार के इकलाख और उसके गैंग के सदस्य बुलाते थे। उन्हें मौलवी से रोजगार प्रशिक्षण के नाम पर मुस्लिम धर्म की शिक्षा दिलाई जाती थी। उनके केंद्र आबूनगर, लखनऊ बाईपास समेत कई इलाकों में चलते थे। सुधांशू की शिकायत पर कंपनी के हेड इकलाख, अरमान अली, मोहसिन, यासीन, आलिम कई अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। बताया जाता है कि इकलाख अभी तक फरार है।

बीते दिनों सामने आए धर्मपरिवर्तन के मामले
  • अगस्त 2024- खागा कोतवाली की युवती को महाराष्ट्र ले जाकर धर्मपरिवर्तन किया।
  • जनवरी 2023- बकेवर थाना क्षेत्र की युवती को अगवा कर घाटमपुर के अमन कुरैशी ने कराया धर्मपरिवर्तन।
  • अक्तूबर 2023- खखरेरू थाने के कठरिया में ईसाई मिशनरी का सामूहिक धर्मपरिवर्तन।
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  • मई 2022- सदर कोतवाली की किशोरी को अगवा कर लवजिहाद।
  • दिसंबर 2023 - ललौली थाना क्षेत्र की एक महिला का गाजियाबाद ले जाकर धर्मपरिवर्तन।
  • नवंबर 2022- शहर के एक नर्सिंग होम संचालक डाक्टर ने इटावा की युवती का धर्मपरिवर्तन कराया।
  • अगस्त 2022- गाजीपुर कस्बे में फर्जी आईडी से रहने वाले नेपाली मौलाना पर धर्मपरिवर्तन का आरोप लगा।
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