फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

‘अगले बरस तू जल्दी आ’

Thu, 19 Sep 2013 05:38 AM IST
Kanpur
विज्ञापन
विज्ञापन
कानपुर। अनंत चतुर्दशी पर भक्तों ने ढोल-नगाड़ों और गाजे-बाजे के साथ गणपति का गंगा और नहरों में विसर्जन किया। विसर्जन शोभायात्रा में ‘गणपति बप्पा मोरिया’, ‘अगले बरस तू जल्दी आ’, ‘देवा ओ देवा’, ‘जय गणेश-जय गणेश देवा’ के जयघोष गूंजते रहे। उधर, घाटों पर भक्तों की भारी भीड़ पहुंचने से मेले सा नजारा रहा। अबीर-गुलाल लगाए भक्त ढोल की थाप पर नाचते-गाते गणपति को विदा करने देर रात तक घाटों पर पहुंचते रहे।
विज्ञापन

गणेश महोत्सव के अंतिम दिन सुबह से ही भक्त गणपति को लेकर गंगा में विसर्जित करने पहुंचने लगे। घरों और पूजा पंडालों में सुबह हवन-पूजन हुआ। इसके बाद कोई पैदल तो कोई बाइक पर गणपति को विदा करने पहुंचा। वहीं, दिनभर सार्वजनिक पूजा पंडालों में स्थापित गणपति की प्रतिमाओं की विसर्जन यात्राएं निकलती रहीं। इस दौरान भक्तों ने जमकर एक दूसरे को अबीर-गुलाल लगाया और ‘गणपति बप्पा मोरिया’ के जयघोष लगाए। बुधवार को नवाबगंज के राजा, रामबाग के राजा, आनंदबाग के राजा, गणेश पार्क के राजा, साउथ के राजा समेत कई समितियों के गणपति का विसर्जन हुआ। बीएनएसडी शिक्षा निकेतन की गणेश प्रतिमा सुबह आठ बजे गाजे-बाजे के साथ सरसैया घाट पहुंची। यहां भक्तों ने गणपति को अबीर-गुलाल लगाकर गंगा में विसर्जित किया। वहीं, राम नारायण बाजार से अंकित सोनी परिवार समेत घर से गणेश प्रतिमा लेकर सरसैया घाट पैदल पहुंचे। उनकी तरह घरों में गणपति की स्थापना करने वाले कई भक्त विसर्जन के लिए पहुंचे। दोपहर एक साथ कई सवारियां पहुंच जाने से बड़े चौराहे से घाट तक गणपति की प्रतिमाएं ही नजर आई। उधर, नवाबगंज आजाद नगर व्यापार मंडल ने नवाबगंज के राजा का विसर्जन गंगा बैराज में किया। बैराज से लेकर नवाबगंज के मोती लाल खेड़िया स्कूल तक भक्तों की भीड़ जमा रही। भक्तों की भारी भीड़ जुटने से बैराज जाने वाली सड़क पर पूरी तरह से जाम लग गया। उधर, पुराना कानपुर की ओर से आने वाली गणेश विसर्जन शोभायात्राओं को निकलने के करीब दो घंटे तक इंतजार करना पड़ा। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को माइक का सहारा लेना पड़ा। बैराज में गुरुदेव पैलेस, कल्याणपुर, आवास विकास, लखनपुर, आजादनगर, विष्णुपुरी, तिलक नगर आदि क्षेत्रों से गणेश प्रतिमाएं पहुंची। वहीं, गोला घाट पर भी देर रात तक गणपति की प्रतिमाओं का विसर्जन होता रहा।
----------------------
पॉश इलाकों से पहुंची मूर्तिया
कानपुर। गंगा घाटों पर गणेश प्रतिमाएं शहर के सभी स्थानों से पहुंची। शिवाला, मेस्टन रोड, हालसी रोड, कलक्टरगंज से प्रतिमाएं पहुंची। तो तिलक नगर, स्वरूप नगर, सिविल लाइन से भी गजानन की प्रतिमाएं पहुंची। उधर, झुग्गी-झोपड़ी व बस्तियों से भी भक्त अपने-अपने गजानन को लेकर पहुंचे।
विज्ञापन

-----------
पुलिस को कई बार जूझना पड़ा
कानपुर। भक्तों को नियंत्रित करने के लिए कई बार पुलिसकर्मियों को जूझना पड़ा। पर भक्त भी बड़े अडियल थे कि डांटने पर थोड़ी देर तो शांत हो जाते थे पर पुलिस के जाते ही दोबारा नाचने लगते। यह सिलसिला दिन में कई बार घाटों पर देखने को मिला।
--------------
पीएसी जवान तैनात रहे
कानपुर। सरसैया घाट, गंगा बैराज, गोला घाट में भक्तों की भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने पीएसी के जवानों को तैनात किया था। जो अपनी मोटरबोट लेकर सुबह से ही घाटों में डटे थे। कई बार भक्तों को भीड़ को नियंत्रित करने में इन जवानों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
विज्ञापन

----------------
पानी का विशेष इंतजाम
कानपुर। सरसैया घाट में मूर्ति विसर्जन में पहुंचने वाले भक्तों की भीड़ को देखते हुए समाज सेवी संस्थाओं ने पानी के स्टाल लगाए।
---------------------------
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें