अमर उजाला ब्यूरो
कायमगंज। सरकार शिक्षा व्यवस्था को हाईटेक करने की वादे कर रही है वहीं प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षा का मजाक बनाया जा रहा है। वार्षिक परीक्षा में परिषदीय विद्यालयों में प्रश्नपत्र तक नहीं भेजे गए। कई शिक्षक बीआरसी प्रश्नपत्रों को लेने पहुंचे लेकिन प्रश्नपत्र न होने से उन्हें लौटना पड़ा। शिक्षकों को मजबूरन ब्लैक बोर्ड पर सवाल लिखकर परीक्षाएं करानी पड़ी।
शनिवार से शुरू हुई परिषदीय स्कूलों की वार्षिक परीक्षाओं में कई विषयों के प्रश्नपत्र विद्यालयों में नहीं भेजे गए थे। कुछ देर तक शिक्षकों ने प्रश्नपत्र का इंतजार किया। इसके बाद बीआरसी पहुंचकर प्रश्नपत्रों की मांग की। वहां प्रश्नपत्र न होने से शिक्षकों को लौटा दिया गया। शिक्षकों ने ब्लैक बोर्ड पर प्रश्न लिखे। जिनको उतार कर बच्चों ने उत्तर पुस्तिकाओं में उत्तर लिखकर परीक्षा दी। प्राथमिक विद्यालय कुकीखेल के प्रधानाध्यापक रामरतन ने बताया कि
बीआरसी केंद्र से प्रश्न पत्र नहीं दिए गए। इस कारण स्वयं ही अपना प्रश्न पत्र ब्लैकबोर्ड पर तैयार करना पड़ा। मोहल्ला बजरिया बेेगराज स्थित प्राथमिक विद्यालय में शिक्षामित्र सिरीश गंगवार ने परीक्षा कराई। श्यामागेट स्थित प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालय की प्रधानाध्यापिका आविदा बेगम व लालकुआं स्थित प्राथमिक विद्यालय पंकज पालीवाल ने बताया कि पेपर नहीं मिले हैं।
प्रश्नपत्र के बिना हो रही परीक्षा
ब्लैक बोर्ड पर शिक्षकों ने लिखे प्रश्न, बच्चों ने उतार कर दिए जवाब