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बाढ़ से 25 ग्राम पंचायतों में नौ हजार बीघा फसल का नुकसान

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कानपुर देहात। जिले में बाढ़ का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ा है। करीब 3200 किसानों के अरमान बाढ़ व बारिश के पानी में बह गए। राजस्व, कृषि विभाग व बीमा कंपनी ने फौरी सर्वे किया तो करीब 9270 बीघा फसल प्रभावित होना पाया गया। इस पर फसल बीमा कराने वाले किसानों को मुआवजा दिलाने के लिए शासन में लिखापढ़ी की गई है।
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किसानों ने बड़ी उम्मीद से खेतों में फसलें लगाई थी। तिल, बाजारा, ज्वार, अरहर, उर्द, मूंग, धान व सब्जी की फसल से खेत लहलहा रहे थे। जिसे देख किसानों का सीना चौड़ा था। लेकिन यमुना के उफान ने किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया। रही-सही कसर लगातार हो रही भारी बारिश ने पूरी कर दी। हालत यह है कि पिछले दिनों आई यमुना की बाढ़ व जोरदार बारिश ने जिले के पांच विकास खंडों की 25 ग्राम पंचायतों में जमकर तबाही मचाई।
राजस्व, कृषि विभाग व बीमा कंपनी ने फौरी सर्वे किया तो करीब 3200 किसानों की लगभग 9270 बीघा (2344.876 हेक्टेयर) फसल प्रभावित होना पाया गया। जिस पर फसल बीमा कराने वाले किसानों को फौरी राहत के तौर पर मुआवजा दिलाने के लिए शासन में लिखापढ़ी की गई है।
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पिछले दिनों आई बाढ़ व जोरदार बारिश के बाद राजस्व, कृषि व बीमा कंपनी ने संयुक्त सर्वे किया था। जिससे 25 ग्राम पंचायतों के करीब 3200 किसानों की 2344.876 हेक्टेयर फसल प्रभावित होने का आंकलन किया गया है। मुआवजे के लिए रिपोर्ट डीए के माध्यम से निदेशक कृषि सांख्यकीय एवं फसल बीमा को पत्र भेजा गया है।
-विनोद कुमार यादव (उपकृषि निदेशक)
बाढ़ व बारिश से प्रभावित फसलों का सर्वे कराया गया है। इसके अलावा जिन किसानों की फसलों का नुकसान हुआ है, वह व्यक्तिगत दावा भी कर सकते हैं। जिसका सर्वे कराकर नियमानुसार क्षतिपूर्ति दिलाने की कार्रवाई की जाएगी।
-उमेश गुप्ता (जिला कृषि अधिकारी)
इन ग्राम पंचायतों में फसलों का नुकसान
अमरौधा ब्लॉक की ग्राम पंचायत चपरेहटा, गौरी रज्जन, सलेमपुर, नबीना बांगर, टयोंगा, किशुनपुर, देवराहट, बम्हरौली घाट, अहरौली घाट, कृपालपुर, दौलतपुर, डिलौलिया बांगर, हलिया, राजपुर की जैसलपुर महदेवा, बैजामऊ बांगर, गौहानी बांगर, दयानतपुर, गौरी रतनपुर, डेरापुर ब्लाक की औरंगाबाद झड़ा व मैथा ब्लॉक की ग्राम पंचायत औरंगाबाद, बारनपुर कहिंजरी, कडरी, बाघपुर, मांडा व औंगी में फसलों को नुकसान पहुंचा है। (संवाद)
बाढ़ व बारिश से यह फसल हुईं तबाह
बाढ़ व बारिश ने फसलों पर जमकर कहर बरपाया है। सर्वे के अनुसार तिल, बाजारा, ज्वार, धान, अरहर, उर्द, मूंग, मूंगफली, टिण्डा व तोरई की फसलें सबसे अधिक प्रभावित हुई हैं। (संवाद)
मुआवजे के लिए 47 किसानों ने किए व्यक्तिगत दावे
बाढ़, जोरदार बारिश सहित अन्य आपदा की स्थिति में फसल नुकसान होने पर किसान क्षतिपूर्ति पाने के लिए व्यक्तिगत दावे भी करते हैं। पिछले दिनों बाढ़ व बारिश से हुई तबाही के बाद जिले के अलग-अलग क्षेत्र से 47 किसानों ने उपकृषि निदेशक के यहां मुआवजा पाने के लिए दावा किया है। जिस पर बर्बाद हुई फसलों का सर्वे कराया जा रहा है। (संवाद)
50 प्रतिशत नुकसान पर ही मिलेगी फौरी राहत
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत अधिसूचित फसलों का बीमा कराने वाले किसानों को 50 प्रतिशत नुकसान होने पर ही फौरी तौर पर राहत मिल सकेगी। उपकृषि निदेशक ने बताया कि नियमानुसार 50 प्रतिशत नुकसान होने पर बीमित फसल का 25 प्रतिशत भुगतान बीमा कंपनी किसान को तुरंत करती है। बाकी मुआवजा क्राप कटिंग के आधार दिया जाता है। 50 प्रतिशत से कम फसल नुकसान होने पर फौरी मुआवजा देने का कोई नियम नहीं है।
पूरे मुआवजे को अब क्राप कटिंग का सहारा
फसल बीमा योजना के नियमों के जाल में उलझे किसानों को मुआवजा पाने के लिए अब क्राप कटिंग का ही सहारा होगा। उपकृषि निदेशक ने बताया कि फसलों की कटाई के बाद सामान्य उपज के सापेक्ष नुकसान के बाद उपजी फसल के आधार पर क्राप कटिंग की जाती है। अगर औसत से भी कम उपज होती है, तो किसान मुआवजे के दायरे में आएंगे। इसमें फसल बीमित व सामान्य दोनों तरह के किसानों को लाभ दिया जाता है। (संवाद)
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