अगर अधिक थकान लगे, कमजोरी महसूस हो, बैठे-बैठे जी मिचलाए, सांस फूले और शरीर पीला पड़ने लगे तो इसे गंभीरता लें। तुरंत डॉक्टरों से संपर्क करें। ये लक्षण एनीमिया बीमारी के होते हैं। वर्तमान में देश की करीब 80 फीसदी महिलाएं एनीमिया से ग्रसित हैं।
ये जानकारी गाइनोलॉजिस्ट डॉ. सीमा शुक्ला ने महिला पुलिसकर्मियों को दी। वह रविवार को पुलिस लाइन में एनीमिया के खिलाफ जागरुकता अभियान के तहत कार्यक्रम को संबोधित कर रहीं थी। कार्यक्रम में सृजन शक्ति वेलफेयर सोसाइटी की डॉ. सीमा मोदी भी मौजूद रहीं।
शरीर के अंग धीरे-धीरे शिथिल पड़ने लगते
डॉ. सीमा शुक्ला ने बताया कि शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं का मुख्य भाग हीमोग्लोबिन होता है। इसकी कमी से शरीर के विभिन्न अंगों जैसे हृदय, मस्तिष्क, किडनी, मांसपेशियों को ऑक्सीजन की आपूर्ति कम हो जाती है। इससे शरीर के अंग धीरे-धीरे शिथिल पड़ने लगते हैं। कार्यक्रम में दो सौ से अधिक महिला पुलिसकर्मी शामिल हुईं।
ऐसे करें बचाव
डॉक्टर सीमा ने बताया कि यदि कोई सामान्य तौर पर पूरी डाइट (दाल, सब्जी, अंडा, ड्राई फ्रूट्स, दूध और नॉनवेज) लेता है तो उसमें एनीमिया की बीमारी होने की संभावना बेहद कम रहती है। इनका सेवन कर इस बीमारी से बचा जा सकता है।
ये है उपचार
डॉ. सीमा ने बताया कि जब भी एनीमिया के लक्षण लगे तो फौरन डॉक्टर से संपर्क करें। डॉक्टर आवश्यकता अनुसार, आयरन, विटामिन बी-12, फालिक एसिड जैसी दवाएं देते हैं। इंजेक्शन का भी एक कोर्स होता है। कोर्स पूरा होने के बाद ही दवाएं बंद करें। आधा-अधूरा इलाज न छोड़ें, वरना लाभ नहीं होगा।