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Kanpur News: विश्व के शीर्ष दो फीसदी वैज्ञानिकों की सूची में शहर के 69 शिक्षक

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कानपुर। अमेरिका की स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी और वैश्विक पब्लिशर एल्सेवियर की ओर से वर्ष 2025-26 के लिए गुरुवार को जारी हुई दुनिया के शीर्ष दो फीसदी वैज्ञानिकों की सूची में शहर के आठ संस्थानों के 69 शिक्षकों के नाम चमक रहे हैं। इनमें सर्वाधिक 52 शिक्षक आईआईटी के हैं। एचबीटीयू के नौ वैज्ञानिक और पहली बार निजी संस्थान पीएसआईटी के चार वैज्ञानिकों ने वैश्विक स्तर पर पहचान बनाई है।
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दुनिया भर के शीर्ष शिक्षण संस्थानों के वैज्ञानिकों के अनुसंधान व नवाचार के आधार पर जारी हुई इस सूची में हर बार की तरह आईआईटी कानपुर के वैज्ञानिकों का दबदबा दिखा। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) के स्कूल ऑफ लाइफ साइंस के डॉ. राकेश कुमार शर्मा, उत्तर प्रदेश वस्त्र प्रौद्योगिकी संस्थान के डॉ. शुभांकर मैती, एसएन सेन बालिका पीजी कॉलेज की डॉ. समीक्षा सिंह, रामा डेंटल कॉलेज हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर की डॉ. शिल्पा त्रिवेदी को भी सूची में स्थान मिला है। सीएसजेएमयू के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने लगातार तीसरे साल इस सूची में स्थान पाने वाले डॉ. राकेश कुमार को बधाई दी है।

सूची में एचबीचटीयू के नौ वैज्ञानिकों को स्थान

एचबीटीयू के नौ वैज्ञानिकों ने शीर्ष दो फीसदी वैज्ञानिकों की सूची में स्थान पाया है। इसमें केमिकल इंजीनियरिंग के डॉ. दान बहादुर पाल, डॉ. आदर्श कुमार आर्य, डॉ. आशीष कपूर, मैकेनिकल इंजीनियरिंग के डॉ. निशांत कुमार सिंह, डॉ. यशवीर सिंह, डॉ. नवीन कुमार गुप्ता, बायोकेमिकल इंजीनियरिंग के डॉ. सचिन कुमार, रसायन विभाग के डॉ. संतोष कुमार और फूड टेक्नोलॉजी विभाग के डॉ. विवेक कुमार शामिल हैं।
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पहली बार पीएसआईटी के चार वैज्ञानिक शामिल हुए

पीएसआईटी के चार वैज्ञानिकों को पहली बार शीर्ष दो फीसदी वैज्ञानिकों की सूची में स्थान मिला है। इसमें डॉ. प्रणय वाल, डॉ. बृजेश कुमार चौरसिया, डॉ. रुचि तिवारी और डॉ. विवेक कुमार मिश्रा हैं। संस्थान के चेयरमैन प्रणवीर सिंह ने चयनित वैज्ञानिकों को बधाई दी। कहा, यह पीएसआईटी परिवार के लिए अत्यंत गर्व का क्षण है। संस्थान के वाइस प्रेसिडेंट डॉ. मनमोहन शुक्ला ने कहा कि संस्थान संकाय सदस्यों को अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं, रिसर्च फंड और हर संभव तकनीकी व प्रशासनिक सहयोग उपलब्ध कराता आया है। निश्चित ही शिक्षकों की मेहनत ने संस्थान का नाम ऊंचा किया है।
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