जातीय समीकरणों को भी साधने की तैयारियां
लगभग सभी पदों पर आधा दर्जन से ज्यादा प्रत्याशी मैदान में हैं। जगह-जगह सभाएं कर चुनाव में जातीय समीकरणों को साधने की तैयारियां भी चल रही हैं। प्रत्याशी सिर्फ कचहरी में ही घूम-घूमकर मतदाताओं से समर्थन नहीं मांग रहे बल्कि घर-घर जाकर भी मतदाताओं को लुभाने की कोशिश कर रहे हैं।
नहीं दिख रहा एल्डर्स कमेटी की अपील का असर
कमेटी ने चुनाव आचार संहिता लागू होने की बात पर कहा था कि नियमानुसार प्रचार-प्रसार के लिए कोई प्रत्याशी बड़े-बड़े होर्डिंग, पोस्टर, बैनर आदि नहीं लगा सकता। जिन्होंने लगाए हैं, जल्द हटवा लें। वहीं गेस्ट हाउसों में भोज पर धन की बर्बादी रोकने के लिए भी प्रत्याशियों से अपील की थी। अपील का असर प्रत्याशियों पर नहीं दिख रहा।
तीन आरओ व 15 एआरओ बनाए गए
एल्डर्स कमेटी ने चुनाव कराने के लिए तीन चुनाव अधिकारी (आरओ) और 15 सहायक चुनाव अधिकारी (एआरओ) बनाए हैं। अश्वनी आनंद, आनंद सचान व पवन मिश्रा को आरओ की जिम्मेदारी दी गई है। राजेश कुमार और धीरेंद्र सिंह गौर सहयोगी सदस्य के रूप में रहेंगे।