कानपुर देहात। जिले की 600 महिलाओं को प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उन्नयन योजना से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने की तैयारी है। योजना के तहत महिलाओं को स्वरोजगार शुरू करने के लिए न्यूनतम ब्याज की दर पर 40 हजार रुपये का ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। इसमें महिलाएं दूध से बनने वाले उत्पाद, पापड़, अचार व गेंहू से आटा तैयार करने जैसे कारोबार कर स्वयं की आमदनी कर सकेंगी।
ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत जिले में नौ हजार से अधिक स्वयं सहायता समूह संचालित हैं। इनमें करीब 90 हजार से अधिक महिलाओं ने योजनाओं के तहत प्रशिक्षण लेकर कारोबार शुरू किया है, लेकिन आर्थिक स्थिति सही न होने की वजह से कारोबार बंद कर दिया है। ऐसे में शासन ने महिलाओं को सूक्ष्म खाद्य उन्नयन योजना के तहत कारोबार को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करने का काम शुरू किया है।
जिला मिशन प्रबंधक (नॉन फार्म) पूजा वर्मा ने बताया कि योजना के तहत एक सप्ताह में प्रत्येक ग्राम पंचायत से एक महिला को चिह्नित करना है। योजना का उद्देश्य सूक्ष्म खाद्य उद्यमों को मजबूत कर ''''वोकल फॉर लोकल'''' उत्पादों को बढ़ावा देना है। इसके लिए सभी डीआरपी को निर्देशित किया गया है।
वह गांव में जाकर स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से संपर्क करेंगे और उन्हें कारोबार को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करेंगे। वहीं उपायुक्त एनआरएलएम गंगाराम वर्मा ने बताया कि पीएम सूक्ष्म खाद्य उन्नयन योजना के तहत महिलाओं से आवेदन मांगे गए हैं। इसमें मिलने वाले ऋण से अपने कारोबार को आगे बढ़ाकर आमदनी कर सकेंगी। साथ ही अन्य महिलाओं को जोड़कर उन्हें भी आत्मनिर्भर बनाएंगी।