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डीएम से मांगी रिपोर्ट, चल सकती है मैन्युअल रायल्टी

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अमर उजाला ब्यूरो
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महोबा। शासन के एक अगस्त से मैन्युअल रायल्टी बंद कर आनलाइन रायल्टी के फरमान से खनन पट्टाधारकों की 20 करोड़ से अधिक की राशि फंस गई है। यूनियन की मांग पर शासन ने जिलाधिकारी से डंप रायल्टी के मामले में रिपोर्ट मांगी है। ऐसे में मैन्युअल रायल्टी के फिर से शुरू होने के आसार बढ़ गए हैं।

जुलाई माह में शासन ने आदेश जारी कर मैन्युअल रायल्टी 01 अगस्त से जारी न करने और उसके स्थान पर ई रायल्टी जारी करने का फरमान खनिज महकमे को दिया था। लेकिन पुरानी जारी रायल्टी कब तक चलेगी इस पर कोई निर्णय नहीं दिया। ऐसे में 31 जुलाई तक करोड़ों की पुरानी अग्रिम रायल्टी विभाग जारी करता रहा।
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ई-रायल्टी चलन में आने के बाद विभाग ने पुरानी जारी करोड़ों की अग्रिम रायल्टी बंद करा दी। इससे मंडी में हड़कंप मच गया। खनिज एक्ट के अनुसार विभाग से जारी होने वाली अग्रिम रायल्टी पट्टा एक साल तक वैध होता है। नियमित यूनियन की बैठकों के बाद यूनियन के महामंत्रीेरामकिशोर सिंह की अध्यक्षता में समिति का गठन किया गया।

क्रेशर यूनियन के महामंत्री ने बताया कि प्रतिनिधि मंडल के साथ पिछले पखवारे मुख्यमंत्री योगी मुख्य सचिव राजीव कुमार को कबरई मंडी की मैन्युअल रायल्टी से हुए नुकसान के बारे जानकारी दी। इस पर मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी से रिपोर्ट मंगाकर जल्द रायल्टी चलन में लाने का आश्श्वासन दिया है। अब पुरानी डंप करोडों की रायल्टी पर माल निकासी के आसार बढ़ गए हैं।
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जिला खान अधिकारी एके सैन ने बताया कि मुख्यमंत्री कार्यालय से रिपोर्ट मांगी गई है। डीएम के माध्यम से रिपोर्ट भेजी जा रही है। संभव है शासन पुरानी अग्रिम रायल्टी पर निकासी की अनुमति दे दे।
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