सीबीआई ने कृष्णा कंटेनर्स, गारंटर दिनेश अरोड़ा, शालिनी अरोड़ा व बैंक के अज्ञात अफसरों के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज तैयार उनका इस्तेमाल करने, साजिश रचने व भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया था। जिसकी विवेचना जारी है।
कागजों पर विदेश से व्यापार दिखाकर बैंक को 32 करोड़ 35 लाख रुपये की चपत लगाने के मामले की जांच कर रही सीबीआई शनिवार को शहर पहुंची। फर्म के कार्यालय और फैक्टरी के पते का सत्यापन भी किया। फर्म से जुड़े तीन लोगों से कई घंटे पूछताछ करने के बाद टीम लौट गई।
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कानपुर में विष्णुपुरी निवासी खाद्य तेल कारोबारी ने बैंक ऑफ बड़ौदा से करीब चालीस करोड़ का ऋण लिया था। दावा किया था कि उनकी फर्म के जरिये विदेश से कारोबार किया गया। मगर बैंक की जांच में सामने आया था कि पूरा व्यापार कागजों पर ही था।
लोन की रकम फर्म मालिक व अन्य लोगों ने हड़प ली। ऑडिट में पता चला कि कुल 32 करोड़ 35 लाख रुपये का गबन किया गया है। पिछले महीने की पांच तारीख को सीबीआई लखनऊ की टीम ने मामले में एफआईआर दर्ज की थी।
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सूत्रों के मुताबिक शनिवार को जांच टीम शहर पहुंची। फर्म का कार्यालय पता विष्णुपुरी दर्ज था लिहाजा पहले वहां गई। जांच में पता चला कि ऐसा कोई कार्यालय वहां अब नहीं है। बाद में पनकी में फैक्टरी के पते पर पहुंची।
वहां पर भी कुछ खास नहीं मिला। इसके बाद फर्म से जुड़े तीन लोगों से सीबीआई ने पूछताछ की। कुछ ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जिसके जरिये एक सीए भी रडार पर आ गया है। जो इस फर्जीवाड़े में शामिल रहा है। उसके खिलाफ सीबीआई सुबूत जुटाएगी। अगर पुख्ता साक्ष्य मिले तो उसको भी आरोपी बनाया जा सकता है।
इन पर दर्ज है केस
सीबीआई ने कृष्णा कंटेनर्स, गारंटर दिनेश अरोड़ा, शालिनी अरोड़ा व बैंक के अज्ञात अफसरों के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज तैयार उनका इस्तेमाल करने, साजिश रचने व भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया था। जिसकी विवेचना जारी है।