कमालगंज। नगर पंचायत कमालगंज में सोलर प्लांट घोटाले की परतें खुलनी शुरू हो गई है। नगर अध्यक्ष ने पत्रावली तलब कर अवलोकन किया तो उसमें कई अनियमितताएं मिली। सोलर प्लांट खरीद के लिए अपनाई गई टेंडर प्रक्रिया मेें नियमों की अनदेखी बरती गई। इस मामले में कर्मचारियों को नोटिस जारी होगा।
नगर पंचायत कमालगंज में दुकान आवंटन की जमा हुई जमानत राशि में करीब सात लाख का गोलमाल खुलने के बाद अब सोलर लाइट लगवाने और उसके भुगतान में हुआ खेल सामने आया है। साढ़े तीन लाख रुपये कीमत वाले सोलर प्लांट का नगर पंचायत से 11.50 लाख रुपये भुगतान कर दिया गया था। इसका अमर उजाला ने 20
फरवरी के अंक में पेज संख्या दो पर सोलर प्लांट के भुगतान में खेल उजागर शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। इसको अध्यक्ष ने गंभीरता से लेकर पत्रावली तलब की थी। पत्रावली मिलने पर अध्यक्ष प्रीति माहेश्वरी ने अवलोकन किया तो सोलर प्लांट खरीद में हुए खेल की परते खुलनी शुरू हो गई। सोलर प्लांट खरीद को टेंडर
प्रक्रिया अपनाई गई थी। इसके लिए जो प्रचार प्रयास किया गया, उसमें भी नियमों की अनदेखी बरती गई। टेंडर खंडेलवाल सप्लायर्स कानपुर, मोना ट्रेडर्स कानपुर, एमए डिस्ट्रीब्यूटर किदवई नगर ने डाले थे। इनमें खंडेलवाल सप्लायर्स कानपुर फर्म नगर पंचायत में पंजीकृत है, अन्य दोनों फर्में नगर पंचायत में पंजीकृत नहीं थी, फिर भी
उनको शामिल कर टेंडर प्रक्रिया पूरी कर दी गई। टेंडर पर सोलर प्लांट के चारों ओर जाल लगाया जाना था। खंडेलवाल सप्लायर्स का टेंडर पास हुआ था। टेंडर के अनुसार सोलर प्लांट के चारों ओर जाल लगाया जाना था, जो नहीं लगाया गया। नगर अध्यक्ष प्रीति माहेश्वरी ने बताया कि पत्रावली का अवलोकन में अनियमितताएं मिल रही है। पत्रावली का पूरा अवलोकन कर कर्मचारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया जाएगा। इसमें दो दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सोलर प्लांट घोटाले की खुलने लगी परतें
प्लांट के चारों ओर लगाया जाने वाला जाल गायब, टेंडर प्रक्रिया मेें नियमों की बरती गई अनदेखी
अमर उजाला ब्यूरो