ट्रांसजेंडर का कोई डाटा ही नहीं है
दिक्कत यह है कि अभी तक उन लोगों को मुख्यधारा में नहीं जोड़ा जा सका है। इसके लिए वह लोग लगातार प्रयास कर रहे हैं, लेकिन समाज कल्याण विभाग जहां से ट्रांसजेंडर के लिए टी-कार्ड बनाए जाते हैं, वहां ट्रांसजेंडर का कोई डाटा ही नहीं है। इसकी वजह से भी दिक्कत आ रही है।
अनेक योजनाओं के लाभ से वंचित होना पड़ रहा है
यही वजह है कि ट्रांसजेंडर को प्रधानमंत्री आवास योजना, पीएम विश्वकर्मा योजना, पीएम स्वनिधि योजना, आयुष्मान कार्ड जैसी अनेक योजनाओं के लाभ से वंचित होना पड़ रहा है। अनुज का कहना है कि यदि उन लोगों के सर्टिफिकेट बना दिए जाए तो उनका जीवन यापन काफी आसान हो जाएगा।
ट्रांसजेंडर्स का सर्टिफिकेट बनाएगा समाज कल्याण विभाग
बिना किसी मेडिकल के ट्रांसजेंडर सर्टिफिकेट बनाए जाने के मामले में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल डिफेंस जो मिनिस्ट्री ऑफ सोशल जस्टिस एंड इंपावरमेंट ऑफ इंडिया से जुड़ा हुआ संगठन है, उसकी ओर से एक पत्र जिलाधिकारी विशाख जी. को भेजा गया है। इसमें ट्रांसजेंडर अनुज पांडेय के मामले का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि नियमानुसार किसी भी ट्रांसजेंडर का सर्टिफिकेट बिना मेडिकल परीक्षण के बनाया जाता है।
जिलाधिकारी ने विभाग के अधिकारी से मांगी रिपोर्ट
इस संबंध में जिलाधिकारी ने समाज कल्याण अधिकारी को पूरे मामले की जांच करने के लिए कहा है। इस संबंध में सोमवार को समाज कल्याण अधिकारी त्रिनेत्र सिंह ने बताया कि जल्द ही इस संबंध में जितने भी आवेदन आए हैं, उनकी पड़ताल करके सर्टिफिकेट बनाने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। जिससे ऐसे लोगों को लाभ मिल सके।