कानपुर देहात। पिछले दो दिनों से हो रही बारिश व तेज हवा से जिले में कई स्थानों पर विद्युत लाइनें टूट गई तो कहीं तारों मेें पेड़ गिर गए। इससे रसूलाबाद कस्बा समेत 280 गांवों की बिजली शुक्रवार को भी गुल रही।
वहीं जैनपुर के पास गुरुवार सुबह टूटी एलटी लाइन की मरम्मत न होने से 12 फैक्टरियों मेें विद्युत आपूर्ति नहीं हो सकी। शुक्रवार को सुबह से लेकर देर शाम तक विद्युत कर्मी फाल्टों की मरम्मत करने में जुटे रहे।
जिले में गुरुवार की रात हुई बारिश से झींझक के लगरथा रोड नवीन विद्युत उपकेंद्र से जुड़े अकारू फीडर में बद्दापुरवा गांव के पास हाईटेंशन लाइन के तार आपस में लिपट गए। वहीं, मंगलपुर फीडर में अकौड़िया गांव के पास हाईटेंशन लाइन पर पेड़ की डाल गिर गई।
इससे दोनों फीडरों से जुड़े अकारु, उइछा, गौरी, लालजी पुरवा, जगदीशपुर, गंज, नधौवा, मुंडेरा, सुरासी, मंगलपुर, मलिकपुर अकौडिय़ा, मनकापुर समेत 52 गांवों की बिजली रात आठ बजे ठप हो गई।
शुक्रवार की सुबह कर्मियों ने फाल्ट ठीक किया। इससे सुबह आठ बजे दोनों फीडरों की सप्लाई बहाल हो सकी। जेई आरबी बाथम ने बताया कि फाल्ट की मरम्मत आपूर्ति दोबारा शुरू करा दी गई है।
इसी तरह रसूलाबाद देहात सबस्टेशन की एचटी लाइन में अंगदपुर दहेलिया गांव के समीप गुरुवार शाम करीब 6:30 बजे यूकेलिप्टस का पेड़ गिर गया। जिससे छह बिजली के खंभे गिर गए और डबल पोल रखा ट्रांसफार्मर भी फुंक गया।
इससे रसूलाबाद देहात सबस्टेशन से जुड़े 158 गांवों में अधेरा पसर गया। शुक्रवार पूरे दिन मरम्मत की गई, लेकिन फाल्ट ठीक नहीं किया जा सका। एसडीओ गौरव द्विवेदी ने बताया कि कई पोल गिरने, लाइन टूटने व ट्रांसफार्मर फुंकने से समस्या आ रही है। मरम्मत के बाद शनिवार शाम तक आपूर्ति बहाल होने की उम्मीद है।
वहीं जोरदार बारिश से रसूलाबाद नगर सबस्टेशन से जुड़ी लाइन में निरालानगर में यूकेलिप्टस व बबूल का पेड़ गिर गुरुवार रात 11 बजे गिर गया। इसी तरह नेहरूनगर व शास्त्रीनगर में भी फाल्ट हो गया। शुक्रवार सुबह मरम्मत के बाद 9 बजे आपूर्ति बहाल हो सकी। बमुश्किल दो घंटे बाद इसी लाइन में फिर से सुबह 11 बजे फाल्ट हो गया। जिसकी मरम्मत शाम तक जारी रही।
सरवनखेड़ा संवाद के अनुसार, शुक्रवार सुबह सब स्टेशन की इनकमिंग मशीन में यांत्रिक खराबी आ गई। इससे कौसम, सैंथा, सरवनखेड़ा, भरतपुर पियासी, मुक्तापुर, बिल्टी, मनेथू, अहिरानी, लोहारी समेत 70 गांवों की बिजली ठप हो गई।