आपराधिक वारदात न करे दें, इसलिए बढ़ गई है पुलिस की टेंशन
इन बंदियों पर लूट, चोरी, दुष्कर्म, जानलेवा हमले सहित अन्य अपराधों से बड़े केस दर्ज हैं। इन्हें दो से सात साल तक की सजा मिली है। जिला जेल प्रशासन और पुलिस टीमें इसलिए भी टेंशन में हैं कि कहीं फरार कैदी बड़ी आपराधिक वारदात जिले या जिले से बाहर न कर दें। इससे परेशानी और बढ़ जाएगी।
इन बंदियो की हो रही तलाश
थाना सुमेरपुर के पारा रैपुरा निवासी द्वारिका, शहर कोतवाली क्षेत्र के अमिरता निवासी प्रताप, ललपुरा थाना के पौथिया निवासी बरदानी उर्फ चवन्नी, थाना घाटमपुर क्षेत्र के पतारा निवासी सतेन्द्र उर्फ बड़े, थाना चरखारी के तुर्कियाना निवासी मोहम्मद रशीद, थाना कोतवाली महोबा के मइयादीन, कोतवाली हमीरपुर के मेरापुर निवासी रामपाल, रमेड़ी निवासी रामलला, चिकासी थाना के बरौली खरका निवासी छिद्दू, खन्ना थाना के पचपहरा निवासी शिवनारायण, बाबूलाल, लल्लू, प्रागीलाल, रजवा, राकेश यादव, रणछोर यादव, थाना चरखारी बरगौन निवासी कृपाल सिंह यादव, कबरई थाना के छानी कला निवासी करन अहिरवार, खरेला थाना के ऐंचाना निवासी कालका प्रसाद, मलखान खंगार, अजनर थाना क्षेत्र के पुरवा पनवाड़ी निवासी बुधुवा, चरखारी थाना क्षेत्र के सूपा निवासी बाबू उर्फ इसरार, कोतवाली महोबा के नयापुरा नैकाना निवासी मनोज कुमार, बरई पहाड़ निवासी इमामी शामिल है।
कब-कब छोड़े गए बंदी
माह छोड़े गए बंदी वापस नहीं लौटे
अप्रैल 2020 47 05
मई 2021 27 20
जून 2021 02 00
कोरोना काल में पैरोल पर जाकर फरार कैदियों को पकड़ने के हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। 25 कैदी अब तक नहीं लौटे हैं। उनके बारे में कई क्षेत्रों से जानकारी जुटाने के प्रयास जारी हैं। जल्द ही उन्हें पकड़ा जाएगा। -अनिल कुमार गौतम, जेल अधीक्षक