जिला शासकीय अधिवक्ता राजेश शुक्ला ने बताया कि जिला सत्र न्यायाधीश ने आरोपी पति रामरतन को दोषी करार देते हुए गैर इरादतन हत्या के मामले में सात वर्ष की जेल और 20 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। वहीं अर्थदंड अदा न करने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। साथ ही जेल में बिताई गई अवधि सजा की अवधि में समायोजित किए जाने का आदेश दिया है।