जलकल कार्यालय जोन 3 में टैंकर में पानी भरने के दौरान लीकेज से बर्बाद होता पानी।
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कानपुर। बैराज से पानी न मिलने और लोअर गंगा कैनाल के दो पंप खराब होने से शुक्रवार को पानी का संकट और गहरा गया। 25 मोहल्लों में पानी की आपूर्ति नहीं हुई। करीब आठ लाख लोग परेशान रहे। उधर जलकल विभाग ने भैरोघाट पंपिंग स्टेशन से मिले पानी को कैनाल के पानी के साथ ट्रीट कर शहर के 67 वार्डों में जलापूर्ति कराई। इस पर भी कई जगहों पर लो-प्रेशर और आधा घंटे में सप्लाई बंद होने से पानी की समस्या बनी रही।
बैराज से बेनाझाबर वॉटर वर्क्स तक आई पाइप लाइन में लीकेज न मिल पाने की वजह से पांच दिन से जलापूर्ति बंद है। लोअर गंगा कैनाल में भी लीकेज ठीक कर 19 मई को बेनाझाबर वॉटर वर्क्स को पानी देना शुरू किया गया था कि कैनाल से पानी खींचकर भेजने वाले तीन पंपों में दो शुक्रवार को खराब हो गए। सिर्फ एक पंप के चलने से बेनाझाबर तक पानी नहीं पहुंच पाया।
इस बाबत जलकल विभाग विभाग के महाप्रबंधक आरपीएस सलूजा ने जल निगम के अधीक्षण अभियंता अनिल कुमार जिंदल से बात की। इस पर जल निगम ने इकलौते पंप के भरोसे कैनाल से मोतीझील परिसर के तालाब में पानी पहुंचाना शुरू किया। शाम तक तालाब भरने के बाद जलकल विभाग ने वहां से पानी लेना शुरू किया। इसकी वजह से कैनाल से लगभग दो करोड़ लीटर पानी ही मिल पाया। गंगा में बने बंधे के माध्यम से भैरोघाट पंपिंग स्टेशन से 20 करोड़ लीटर पानी खींचा गया। इसी पानी को ट्रीट कर टंकियों में भेजा गया। टंकियों में कम पानी पहुंचने की वजह से उनके आसपास के मोहल्लों में लो-प्रेशर से जलापूर्ति हुई। नल भी कुछ मोहल्लों में आधा घंटा तो कुछ में एक घंटे में ही चले गए। वहीं, टंकियों से दूर वाले 25 से ज्यादा मोहल्लों में पानी ही नहीं पहुंचा। 14 मोहल्लों में टैंकर से पानी भेजा गया।