इटावा जिले में चकरनगर तहसील क्षेत्र के गांव गोपाल पुरा के सरकारी नलकूप में 24 अजगर के बच्चों को देख लोगों में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची सेंचुअरी की टीम ने रेस्क्यू कर उन्हें सुरक्षित कुंवारी नदी के जंगल में छोड़ दिया। वहीं, खतरनाक करैत सांप को पाली के जंगल में छोडा गया। इस रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली।
गोपालपुरा गांव के अजय सिंह के खेत के पास सरकारी नलकूप बना हुआ हैं। गुरुवार सुबह कुछ गांव के लोग नलकूप के पास पहुंचे तो उन्हें नलकूप के पास गड्डे में 24 अजगर के बच्चे दिखाई दिए। गांव के लोगों ने एक साथ इतने सांप देखकर तुरंत ही इसकी सूचना सेंचुअरी के अधिकारियों को दी। सूचना पर सेंचुअरी रेंजर कोटेश त्यागी के नेतृत्व में आगरा की रेस्क्यू टीम ने क्षेत्रीय सेंचुअरी कर्मियों के साथ मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।
टीम ने पांच घंटे की मशक्कत के बाद सभी को निकालकर सुरक्षित स्थान पर छोड़ दिया। इस बीच सेंचुअरी कर्मियों को सबसे करैत सांप भी दिखाई दिया। इसके बाद टीम ने उसे भी रेस्क्यू किया। उसे भी जंगल में सुरक्षित स्थान पर छोड़ दिया गया। रेंजर ने बताया कि अजगर के बच्चों को रेस्क्यू कर उन्हें उनके प्राकृतिक वास क्वारी नदी के जंगल में छोड़ दिया गया है। बच्चे लगभग एक माह के हैं। जिसकी लम्बाई तीन से चार फीट है। रेस्क्यू टीम में वन दरोगा विशुनपाल चौहान, प्रताप वर्मा, वन रक्षक धर्मेन्द्र यादव रहे।