उन्नाव। सपा-बसपा गठबंधन से प्रयागराज की पूर्व विधायक पूजा पाल के उन्नाव से चुनाव मैदान में उतारने से जिले के कई कद्दावरों के अरमान ठंडे हो गए। शुक्रवार को पूरे दिन राजनीतिक क्षेत्रों में इसकी चर्चा होती रही।
पूजा पाल को उन्नाव लोकसभा से उन्नाव का प्रत्याशी घोषित होने की खबर सोशल मीडिया पर वायरल हुई तो टिकट के दावेदारों ने इसे पहले किसी की शरारत माना लेकिन जब पुष्टि हुई तो सपाई खेमे में सन्नाटा पसर गया। सपा से टिकट के दावेदारों में ब्राह्मण प्रत्याशी के तौर पर पूर्व प्रत्याशी अरुण शंकर शुक्ल अन्ना का नाम सबसे आगे था। अन्ना ने 2004 का लोकसभा चुनाव बसपा के टिकट पर उन्नाव से लड़ा था। हालांकि वह दूसरे नंबर पर रहे थे। 2014 के चुनाव में वह सपा के टिकट पर चुनाव मैदान में आए हालांकि मोदी लहर में उन्हें एकबार फिर निराशा ही मिली। वह इस चुनाव में भी दूसरे नंबर पर रहे।
अन्ना के बाद दूसरे सबसे प्रबल दावेदार पूर्व विधायक रामकुमार रहे। कानपुर जाजमऊ के निवासी रामकुमार के पिता व पूर्व मंत्री स्व. मनोहर लाल, सपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह के करीबी थे। रामकुमार के छोटे भाई स्व.दीपक कुमार एकबार सांसद और उन्नाव सदर सीट से दो विधायक भी रहे थे। स्व. दीपक कुमार की पत्नी मनीषा दीपक भी टिकट मांगने वालों में थीं।
उनके अलावा लखनऊ के पूर्व एमएलसी एसपी सिंह, एक पूर्व राज्यमंत्री, एक एमएलसी और दो मुस्लिम नेता सहित 16 दावेदारों ने अपना बायोडेटा राष्ट्रीय अध्यक्ष व प्रदेश अध्यक्ष को भेजा था। गुरुवार शाम को पार्टी ने प्रत्याशी घोषित किया तो सभी को सकते में आ गए। देखने वाली बात यह होगी कि चुनाव में पार्टी के प्रत्याशी के लिए जिले के सपाई कितना गंभीर होते हैं और बसपाई कितनी मेहनत करेंगे। सपा जिला महासचिव राजेश यादव ने बताया कि चर्चाएं कुछ भी हों लेकिन पार्टी अध्यक्ष का आदेश हर कार्यकर्ता के लिए अध्यादेश की तरह है। सपा और बसपा संगठन व कार्यकर्ता एकजुट होकर संयुक्त प्रत्याशी पूजा पाल को चुनाव लड़ाएंगे और जिताएंगे।
बसपा जिलाध्यक्ष रामबिलास गौतम ने बताया कि पार्टी ने अच्छा प्रत्याशी उतारा है। बसपा और सपा के कार्यकर्ता एक जुट होकर चुनाव लड़ाएंगे और जिताएंगे। उन्होंने बताया कि पार्टी का एक-एक कार्यकर्ता गठबंधन धर्म और पार्टी की मुखिया के आदेश का पालन करते हुए सपा-बसपा के संयुक्त प्रत्याशी को चुनाव लड़ाएंगे।
-जिले के 16 नेताओं ने की थी सपा से टिकट की दावेदारी