ऐसे में गोवंशियों को उन्नाव नगर पालिका की गोशाला भेजा था। नगर पालिका की गोशाला से 28 गोवंशियों में से 17 रातोंरात गायब हो गए थे। जब पशु तस्करों के हाथों गोवंशियाें को बेचने की सुगबुगाहट तेज हुई तब अधिकारियों की नींद टूटी।
अधिशाषी अधिकारी रामपूजन श्रीवास्तव ने बताया कि कर्मचारियों ने उन्हें पशुओं के भागने की सूचना दी थी। हालांकि 28 में 17 के भागने और 11 के गोशाला में रह जाने की बात हजम नहीं हुई। ऐसे में अब पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। तीन कर्मचारियों से जवाब मांगा है। गोवंशियों को बेचने की पुष्टि होने पर एफआईआर भी कराई जाएगी।