उन्नाव। कुंभ स्नान के चलते लगातार तीन महीने तक जिले के औद्योगिक क्षेत्र बंथर और अकरमपुर की 52 औद्योगिक इकाइयां बंद रहेगी। यह बंदी 15 दिसंबर से 15 मार्च तक रहेगी। साथ ही फैक्ट्रियों का पानी नाले और गंगा में न जाए इसके लिए मानीटरिंग टीम लगातार निरीक्षण करती रहेगी। जो भी उल्लंघन करते मिलेगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
शासन ने कुंभ स्नान शुरू होने से पहले ही जिले की टेनरियों को बंद कराने के निर्देश दिए हैं। निर्देश है कि जिला प्रशासन यह सुनिश्चित करे कि टेनरियों, स्लाटर हाउसों व दूषित उत्प्रवाह करने वाले अन्य उद्योगों का पानी किसी भी हालत में गंगा में न पहुंचने पाए। इसके लिए नालों को अगल-अलग स्थानों पर बंद कराने को भी कहा गया है। सिटी मजिस्ट्रेट राकेश कुमार की अगुवाई में बनाई गई जांच कमेटी की रिपोर्ट पर डीएम ने लोनी नाले में सीईटीपी (कामन इंफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट) के माध्यम से या सीधे पानी बहाने वाली फैक्ट्रियों को बंद नहीं किया जाएगा। ऐसा इसलिए क्योंकि लोनी नाले का पानी दही चौकी से 45 किमी पर बीघापुर तहसील के केदाखेड़ा गांव तक पहुंचने से पहले ही सूख जाता है। वहीं सिटी ड्रेन का पानी गंगा नदी में गिरता है। इसलिए इस नाले में सीईटीपी बंथर के माध्यम से या सीधे नाले में पानी बहाने वाली फैक्ट्रियों को तीन महीने के लिए बंद कराया जाएगा।
कोई जोखिम नहीं ले सकते : डीएम
डीएम देवेंद्र पांडेय ने बताया कि कुंभ स्नान के दौरान गंगाजल के प्रदूषण को लेकर कोई जोखिम नहीं लिया सकता। बताया कि जिस नाले का पानी गंगा तक नहीं पहुंचता उससे जुड़ी फैक्ट्रियों को संचालन की अनुमति दी जाएगी। एहतियात बरतते हुए नाले की टेपिंग भी कराई जाएगी और लगातार नजर भी रखी जाएगी। लेकिन सिटी ड्रेन का पानी गंगा तक पहुंच रहा है। ऐसे जोखिम नहीं लिया जा सकता है। कब किस समय हजारों लीटर गंदा पानी गंगा में चला जाए। इसलिए फैक्ट्रियों की बंदी का फैसला लिया है।
उद्यमियों का प्रस्ताव खारिज
औद्योगिक क्षेत्र बंथर व अकरमपुर के उद्यमियों ने प्रशासन को अपना उत्प्रवाह आधा करने और फैक्ट्री में ही टैंक बनाकर पानी रोकने का भी प्रस्ताव दिया था। लेकिन पूर्व में इस व्यवस्था पर कुछ औद्योगिक इकाइयों द्वारा अमल न किए जाने रात व दिन के समय चोरी छिपे पानी बहाए जाने के मामले सामने आए थे। इसबार कुंभ स्नान और गंगा प्रदूषण को लेकर सरकार की सख्ती के चलते प्रशासन ने जोखिम नहीं उठाया।
नहर विभाग कराएगा टेपिंग
एहतियात के तौरा पर प्रशासन लोनी नाले के पांच अलग-अलग स्थानों पर टेपिंग कराएगा। इसपर खर्च होने वाले 5 लाख रुपये संबंधित औद्योगिक इकाइयां देंगी जबकि नाले को बंद कराने का काम नहर विभाग कराएगा।
उच्च क्षमता के कैमरे रखेंगे नजर
औद्योगिक क्षेत्र दही चौकी व बंथर की इकाइयों के आउटलेट पर उत्प्रवाह की मात्रा के मापन हेतु फ्लो मीटर लगाया गया है। फ्लो मीटर को सीपीसीबी के सर्वर के साथ जोड़ा जाएगा। जिससे ऑनलाइन डाटा मिल सके। इसके अलावा उच्च क्षमता का वेब कैमरा भी लगाया जाएगा।
लोनी नाले में 5715, सिटी ड्रेन में 6977.5 केएलडी पानी
सिटी ड्रेन में बंथर और अकरमपुर की 52 फैक्ट्रियों का कुल 6977.5 केएलडी पानी बहाया जाता है। इनमें 27 इकाइयों (टेनरियां भी शामिल) का पानी सीईटीपी में शुद्धीकरण होने के बाद ड्रेन में छोड़ा जाता है। 8 अपने निजी इटीपी (इंफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट) से पानी को साफ करने के बाद नाले में छोड़ती हैं। जबकि अन्य का पानी सीधे नाले में जाता है। लोनी नाले में 27 फैक्ट्रियों का कुल 5715 केएलडी पानी बहाया जाता है। जिनमें सीईटीपी के जरिये 14 और ईटीपी से होकर 5 फैक्ट्रियों का पानी जबकि अन्य सीधे नाले में पानी बहाती हैं।
-सिटी ड्रेन में उत्प्रवाह वाले उद्योग रहेंगे बंद
-लोनी नाले में उत्प्रवाह वाले 27 उद्योगों की बंदी नहीं
-कुंभ स्नान को लेकर प्रशासन कोई जोखिम नहीं लेगा