किसी ने नींद तो किसी ने गाड़ी का इंजन गर्म होने का बनाया बहाना
अभियान के दौरान सड़क के किनारे खड़े वाहनों के चालक केबिन में सोते मिले। पुलिस के पूछने पर किसी चालक ने नींद आने की बात कही तो किसी ने गाड़ी का इंजन गर्म होने पर उसे खड़ा करने का बहाना बनाया। इसी तरह किसी वाहन के चालक ने गाड़ी का सेल्फ खराब होने तो किसी ने लोडिंग के लिए गाड़ी खड़ी करने की बात कही, लेकिन पुलिस ने किसी की नहीं सुनी। कार्रवाई करने के साथ चेतावनी भी दी।
विपरीत दिशा में दौड़ाई फॉर्च्यूनर
भौंती गोशाला अंडरपास के पास चेकिंग के दौरान पश्चिमी जोन प्रभारी सत्येंद्र कुमार ने उल्टी दिशा से आ रही फॉर्च्यूनर को रोका। कार में बैठे स्कूल व होटल संचालक दीपू चौहान ने रौब भरे अंदाज में पुलिस वालों से कार रोकने का कारण पूछा। कार्यवाहक टीआई सत्येंद्र कुमार ने उल्टी दिशा से आने पर चालान काटने की बात कही तो दीपू भड़क गए और उल्टे सड़क की गलतियां गिनाने लगे। इस पर टीआई ने दीपू से कहा कि आप हमें ज्ञान न दो आप संबंधित विधायक और सांसद से इसकी शिकायत करिए।
टीआई ने किया 2500 का चालान
इस पर दीपू बोले, आप अभियान ही गलत जगह पर चला रहे हैं। मेरा ढाबा, स्कूल व एक होटल भौंती से पनकी वाली लेन के किनारे है। मैं रोजाना ऐसे ही जाता हूं। इसके बाद भी वह मनमानी करते हुए उल्टी दिशा से ही गंतव्य को चले गए। कार्यवाहक टीआई ने बताया कि खुद को दीपू चौहान बताने वाले शख्स की कार का 2500 रुपये का चालान किया गया है। इसमें 2000 रुपये विपरीत दिशा में गाड़ी दौड़ाने व 500 रुपये चालक के डीएल न दिखा पाने के अपराध में किया गया है।
थाने की सेवा करते है- हमें तो उल्टी दिशा से आने की अनुमति है
यातायात पुलिस टीम ने भौंती गौशाला के पास उलटी दिशा से आ रहे सीमेंट लदे ट्रैक्टर को रोका तो चालक पुष्पेंद्र ने कहा कि बगल वाली सड़क पर जाना है इसलिए शार्ट कट से जा रहा हूं। पुलिस ने उसे फटकारा तो उसने ट्रैक्टर मलिक सत्येंद्र सिंह को बुला लिया। सतेंद्र भी बाइक लेकर उल्टी दिशा से आया तो पुलिस के पूछने पर बोला हम सचेंडी थाने की सेवा करते हैं। हमें उल्टी दिशा से आने-जाने की अनुमति है। पुलिस ने सख्ती की तो बोला,आज छोड़ दो आगे से ऐसा नहीं होगा। ट्रैफिक पुलिस ने ट्रैक्टर का चालान कर दिया।
बच्चों से भरी स्कूली वैन को भी सीज
भौंती गोशाला के सामने उल्टी दिशा से आ रही स्कूली वैन को पुलिस ने रोका तो उसमें कक्षा एक से आठ तक के बच्चे क्षमता से अधिक मिले। कार्यवाहक टीआई ने वैन में बैठे बच्चों की गिनती की तो उसमें 17 बच्चे मिले। गंभीरपुर सचेंडी निवासी वैन चालक सुशांत न तो ड्राइविंग लाइसेंस दिखा सका और न ही परमिट। प्राइवेट में दर्ज वैन का वह कामर्शियल प्रयोग कर रहा था। पुलिस ने वैन सीज कर दी। चालक से कहा कि बच्चों को घर छोड़ने के बाद गाड़ी को थाने में खड़ी कर दें। इसके कुछ देर बाद कुछ स्कूली छात्र अपने घर पनका बहादुर जा रहे थे। इन्हें उल्टी दिशा से आता देख यातायात पुलिस कर्मियों ने रोककर समझाया और लौटा दिया।