नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल (एनजीटी) की तीसरे दिन की सुनवाई में चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। जल निगम और नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा (एनएमसीजी) ने जो रिपोर्ट दी है उसके मुताबिक हरिद्वार से कानपुर के बीच गंगा और उसकी सहायक नदियों में 151 खुल नाले गिर रहे हैं। एनजीटी ने इसे गंभीरता लिया है। ट्रिब्युनल ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) और एनएमसीजी को निर्देशित किया है कि वे इन स्थानों पर जाकर यह पता करें कि गंगा में गिरने वाले इन नालों की वर्तमान स्थिति क्या है।
एनजीटी ने यह भी कहा है कि इन नालाें से किस तरह हानिकारक केमिकल और कितनी मात्रा में सीधे नदी में जा रहा है। इसे रोकने का अभी तक प्रयास क्यों नहीं किया गया साथ ही आगे इस पर क्या किया जा सकता है। इसकी रिपोर्ट भी तैयार की जाए। बुधवार को ट्रिब्युनल के सामने रखी गई रिपोर्ट में बताया गया है कि गंगा के अलावा काली नदी, रामगंगा नदी, कोसी नदी में भी सीवरेज नाले गिरने की वजह से उसमें प्रदूषण की मात्रा बढ़ती जा रही है।
एनजीटी चेयरमैन स्वतंत्र कुमार ने तय किया है कि गंगा के मसले पर अब हर एक विषय पर अलग अलग सुनवाई की जाएगी। इंडस्ट्री, सीवरेज नाले, प्रदूषण की मात्रा, प्रदूषण दूर करने को लेकर किए जा रहे काम की प्रगति। इन सभी पर अलग अलग संबंधित विभागों के अधिकारियों के सामने बात होगी एनजीटी ने तीन दिन की सुनवाई को और आगे तक करने का फैसला किया है।