पिता गार्ड हैं, मां दूसरे के घरों में साफ-सफाई करके परिवार के भरण-पोषण में मदद करती हैं। दोनों के कठिन परिश्रम को सार्थक करके दिखाया है उनके बेटे विनीत मारकंडे ने 15 वर्षीय मुक्केबाज विनीत का चयन राजस्थान के अलवर जिले के साई (भारतीय खेल प्राधिकरण) हॉस्टल में हुआ है।
यहां के प्रशिक्षक उन्हें राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तराशेंगे। विनीत राज्य स्तर की दो प्रतियोगिताओं में पदक जीत चुके हैं। नयापुरवा निवासी विनीत के पिता राजकुमार और मां मंजू ने बताया कि चार साल की उम्र से उसके अंदर बॉक्सिंग सीखने की ललक थी।
घर के पास स्थित पार्क में प्रशिक्षक भगवानदीन अन्य बच्चों को बॉक्सिंग सिखाने आते थे। विनीत रोज वहां जाता था और उन्हें देखकर खुद अभ्यास करने लगता था। यह देखकर भगवानदीन ने उसे निशुल्क प्रशिक्षण देने की बात कही। विनीत ने बताया कि घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी।