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Kanpur News: लर्निंग बाय डूइंग प्रयोगशाला में हुनरमंद बने 1478 विद्यार्थी

Mon, 08 Sep 2025 01:23 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
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सरैया लालपुर यूपीएस की प्रयोगशाला में छात्रों को जानकारी देतीं शिक्षक। स्रोत डीसी
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कानपुर देहात। डेरापुर व संदलपुर के उच्च प्राथमिक सहित 28 विद्यालयों में लर्निंग बाय डूइंग प्रयोगशाला में विद्यार्थी हुनरमंद बन रहे हैं। अभी 1478 विद्यार्थी इंजीनियरिंग, ऊर्जा व पर्यावरण, कृषि, गृह एवं स्वास्थ्य की बारीकियां सीख चुके हैं। जरूरत पर भविष्य में इस हुनर को रोजगार में बदल सकेंगे।
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नई शिक्षा नीति 2020 का उद्देश्य शिक्षा प्रणाली में व्यापक स्तर पर सुधार करना है। कार्यक्रम के तहत कक्षा छह से आठ तक के छात्रों को व्यावसायिक प्रशिक्षण देने पर जोर दिया जाना है। यह कार्यक्रम वर्ष 2021 में शुरू किया गया था। मगर जिले में 2024-25 के सत्र में 28 स्कूलों में प्रयोगशाला स्थापित कर प्रशिक्षण की शुरुआत हुई।
सत्र 2025-26 में 28 और स्कूलों में प्रयोगशाला स्थापित की जा रहीं है। इसमें विज्ञान विषय के शिक्षकों को प्रशिक्षित कर उनकी सेवा प्रशिक्षक के रूप में ली जा रही है। जल्द ही इसके लिए एजुकेटर्स की भर्ती कर प्रशिक्षण दिया जाएगा। जो प्रशिक्षक के रूप में कार्य करेंगे। विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों को प्रशिक्षण देने में लर्निंग बाय डूइंग कार्यक्रम शैक्षणिक एवं व्यावहारिक रूप से अत्यंत प्रभावी है।
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वर्जन-
छात्र-छात्राओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रयोगशाला का शुभारंभ उच्च प्राथमिक सहित पीएमश्री स्कूलों में किया गया है। शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण देकर बच्चों को विभिन्न प्रकार की विधाओं से जोड़ा जा रहा है। पहले चरण के तहत जिले में 28 स्कूलों में इसे संचालित किया जा रहा है। जबकि दूसरे चरण में चिह्नित 28 में प्रयोगशाला स्थापित करने की प्रकिया हो रही है। - देशवीर सिंह, डीसी, सामुदायिक सहभागिता
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इन विधाओं में छात्रों को किया जा रहा निपुण
इंजीनियरिंग : लकड़ी का काम, खिलौने बनाना, दीवारों की पेटिंग, साइकिल की मरम्मत और सौर ऊर्जा पर चलने वाले गैजेट्स बनाना।
ऊर्जा और पर्यावरण : ध्वनि सिद्धांत पर आधारित वाद्य यंत्र बनाना, सौर ऊर्जा से चलने वाली कार बनाना और सोखता गड्ढा बनाना।
कृषि : मिट्टी परीक्षण, किचन गार्डन तैयार करना, वर्मी कंपोस्ट बनाना और जैविक कीटनाशक तैयार करना।
गृह एवं स्वास्थ्य : प्राथमिक चिकित्सा, पौष्टिक व्यंजन बनाना, अचार, वस्त्र कला और प्राकृतिक रंग बनाना।
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