भूगर्भ जल का अवैध दोहन करने वाले होटलों पर सीलिंग की कार्रवाई की तलवार लटक गई है। अकेले कानपुर के 145 होटल, आगरा में 386 और वाराणसी में 364 होटल एनओसी लिए बिना ही भूगर्भ जल का अवैध रूप से इस्तेमाल कर रहे थे। एनजीटी ने केंद्रीय भूजल प्राधिकरण (सीजीडब्ल्यूए) और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की संयुक्त टीमों की ओर से सौंपी गई रिपोर्ट के आधार पर बिना अनुमति पानी का उपयोग करने वाले प्रदेश के कुल 1407 होटल, गेस्ट हाउस व मैरिज हॉल से दस हजार रुपये प्रति कमरा प्रति वर्ष की दर के हिसाब से जुर्माना वसूलने के आदेश दिए हैं।
इसके साथ ही इन सभी होटलों को अनुमति लेने के लिए कहा है। अनुमति लेने वाले प्रतिष्ठानों में डिजिटल वॉटर मीटर लगाए जाएं ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह कितने पानी का उपयोग कर रहे हैं। वहीं, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को भी यह देखने के लिए कहा है कि सभी ऐसे होटलों ने वॉटर (प्रिवेंशन एंड कंट्रोल ऑफ पॉल्यूशन) एक्ट व एयर (प्रिवेंशन एंड कंट्रोल ऑफ पॉल्यूशन) एक्ट के तहत जरूरी अनुमति प्राप्त की है या नहीं। अगर अनुमति नहीं ली है तो उनके खिलाफ अलग से कार्रवाई की जाए।