फतेहपुर। संविदा डॉक्टर, फार्मासिस्ट व एएनएम के बेमियादी हड़ताल पर चले जाने से स्वास्थ्य सेवाएं बेपटरी हो गई हैं। मरीजों व उनके तीमारदारों को मंगलवार को भटकना पड़ा। कई मरीज तो बिना इलाज कराए लौट गए। इसकी वजह से नर्सिंगहोम में अचानक भीड़ में तेजी आई है।
उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ के आह्वान पर चल रहे हड़ताल का मंगलवार को दूसरा दिन था। प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केद्रों में भी संविदा डाक्टर व अन्य स्वास्थ्य कर्मी हड़ताल पर रहे। संघ के अध्यक्ष डा. कुमार आनंद यादव के नेतृत्व में संविदा चिकित्सक आयुष विंग हास्पिटल पहुंचे, यहां पर नारेबाजी कर विरोध जताया। आयुष विंग का चिकित्सालय दिन भर बंद रहा और यहां ओपीडी भी नहीं हुई। यहां पर डा. केके पांडेय, डा. जीशान अली, डा. सुरेश चंद्र, योगेश गुप्ता, डा. मशूद, डा. साबान के साथ फार्मासिस्ट भी हड़ताल पर रहे। डाक्टरों के हड़ताल पर रहने पर जिला अस्पताल के ओपीडी में मरीजों की भीड़ रही। फिजीशियन डा. एनके सक्सेना, डा. आरएम गुप्ता, सर्जन डा. नरेश विशाल, बाल रोग विशेषज्ञ डा. मूलचंद्र के कक्षों में भीड़ रही।
इधर, प्रदर्शन करते हुए संविदा चिकित्सकों ने समान कार्य के लिए समान वेतन नीति लागू करने, आउट सोर्सिंग और ठेका प्रथा पर रोक लगाने, प्रदेश में आउट सोर्सिंग के माध्यम से सेवाएं न लेने, चिकित्सकों ने संविदा कर्मियों को स्थायी समायोजन एवं नवीन पद सृजन करने की मांग की। वहीं जिला महिला चिकित्सालय में तैनात संविदा डाक्टर ड्यूटी करती मिलीं।
चौडगरा प्रतिनिधि के अनुसार, गोपालगंज पीएचसी में संविदा डाक्टर व कर्मचारी हड़ताल पर रहे। डा. वीके गोस्वामी के नेतृत्व में डाक्टर व मलवां ब्लाक के आशा बहुएं भी हड़ताल पर रहीं। सेंटर होने के बावजूद मरीजों को टीबी की दवा नहीं बांटी गई। इस मौके पर डा. जावेद रजा, ज्योति द्विवेदी, स्टाफ नर्स स्वाती सिंह रहीं। गोपालगंज प्रभारी डा. विपुल शुक्ला ने बताया कि सेवाएं प्रभावित हुई हैं। हुसैनगंज प्रतिनिधि के अनुसार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के क्षय रोग विभाग में संविदा पर काम करने वाले दानिश बक्शी और अवधेश शुक्ला हड़ताल पर रहे। प्रभारी डा. कमलेश ने बताया कि हड़ताल से सेवा प्रभावित नहीं हुई। बिंदकी प्रतिनिधि के अनुसार, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में संविदा चिकित्सक पंकज अवस्थी ड्यूटी पर रहे और मरीजों का इलाज किया।