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बनारस के शातिरों ने लूटकांड को दिया था अंजाम

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अमर उजाला ब्यूरो
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जाफरगंज (फतेहपुर)। कार सवार सराफा कारोबारियों से मारपीट व फायरिंग कर लूटपाट के मामले में डेढ़ माह बाद दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर खुलासा किया है। जिले के बदमाश ने एक करोड़ का माल लूटने के लिए बनारस के गैंग को बुलाया था। पुलिस ने दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया है।


जाफरगंज थाना क्षेत्र के कस्बा निवासी सतीश चंद्र ओमर उर्फ मुन्नी ओमर, आशू सोनी, अशोक गुप्ता 25 सितंबर को मांझेपुर बाजार से लौट रहे थे। सतीश चंद्र अपने भाई संदीप की सराफे की दुकान का माल लिए थे। आशू सोनी और अशोक गुप्ता दुकान की बिक्री रकम लिए थे। बदमाशों ने इटरा गांव मोड़ पर कार सवार कारोबारियों को ओवरटेक कर रोका था। कार का शीशा तोड़कर चालक आशू की
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पिटाई की थी। विरोध करने पर सतीश के सिर पर कट्टे की बट से हमला किया था। हवाई फायरिंग के बाद करीब छह लाख का माल लेकर बाइकर्स पांच बदमाश फरार हो गए थे। थाना प्रभारी अरविंद सिंह गौतम ने बताया कि क्राइम ब्रांच टीम के साथ जाफरगंज के कटिलिया मोड़ पर मंगलवार की शाम बनारस बड़ागांव थाना कू ड़ी निवासी सलीम के बेटे मोहम्मद इकरार व बनारस के फूलपुर थाना क्षेत्र के डेबराई निवासी महेंद्र प्रताप पटेल का बेटा राहुल सिंह पटेल को गिरफ्तार किया


है। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वह दोनों बाइक चलाने में एक्सपर्ट हैं। उनके साथ बनारस जिले के वसनी बाजार निवासी बदरूद्दीन का बेटा अलाउद्दीन उर्फ सोनू, फू लपुर थाने के बेलवां निवासी रामनाथ का बेटा राजेश और ललौली थाने के फहीम घटना करने में शामिल थे। फहीम की राजेश से दोस्ती है। राजेश ने एक करोड़ का माल लूट करने का लालच दिया था। 25 सितंबर की दोपहर को मांझेपुरवा उमरिहा बाजार आए थे। एक होटल में राजेश और फहीम



तीनों को बैठाकर चले गए थे। शाम के वक्त कार का पीछा किया था। इसके बाद ओवरटेक कर कार सवार व्यवसाइयों से लूटपाट की थी। वह लोग नदी के रास्ते से बकेवर हाइवे पहुंचे थे। इसके बाद बिंदकी होकर नेशनल हाइवे की ओर कैंची मोड़ के पास आकर रुके थे। आशू सोनी का लूटा पर्स नकदी निकाल कर फेंक दिया था। बाकी कारोबारियों के दो बैग लूटकर हाइवे से बनारस पहुंचे थे। एक बाइक सुपर स्प्लेंडर और दूसरी बाइक पल्सर थी। बनारस पहुंचने पर राजेश, सोनू,


फहीम माल का दूसरे दिन बटवारा करने की बात कहकर चले गए थे। वह हड़िया तहसील में किसी सराफ के पास माल की बिक्री की थी। उन लोगों को 12-12 हजार नकद और कुछ चांदी हिस्से में दी थी। विरोध करने पर विवाद भी हुआ था। इसी दौरान राजेश जेल चला गया। वह लोग भी अपने काम में लग गए। मोहम्मद इकरार साड़ी कढ़ाई का काम करता है। दूसरा राहुल सिंह ठेकेदार के अंडर में काम करता है। आरोपियों से आशू सोनी की लूट की साढ़े चार सौ ग्राम चांदी, एक तमंचा और चार हजार नकदी बरामद हुई है।
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सराफ आशू सोनी को पुलिस मामले में संदिग्ध मान रही थी। उमरिहा बाजार से आशू सोनी और राजेश ओमर दो साल पहले बाइक से लौट रहे थे। रास्ते में बदमाशों ने गोली मारकर लूटपाट की थी। मामले में पुलिस ने आशू को जेल भेजकर घटना का खुलासा किया था। जबकि पीड़ित ने आशू के पक्ष में गवाही दी थी और खुलासे को फर्जी बताया था। इस लूटकांड में भी पुलिस आशू को संदिग्ध मानकर पूछताछ कर रही थी।
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