स्कूल की लापरवाही ले सकती थी छात्रा की जान
छात्र द्वारा आपबीती बताई जाने के बाद भी स्कूल प्रबंधन ने उसे तत्काल किसी चिकित्सक के पास ले जाने की जहमत नहीं उठाई। इसके विपरीत प्रबंधन छात्रा पर ही मामले को छिपाने का दबाव बनाता रहा। जबकि, सीएचसी प्रभारी के मुताबिक छात्रा के प्राइवेट पार्ट में अंदरूनी चोटें आई हैं। बच्ची की उम्र देखते हुए अधिक रक्तस्राव होने पर छात्रा की जान भी जा सकती थी।
रक्तस्राव के बाद बिगड़ी छात्रा की हालत
घटना के बाद रक्तस्राव के चलते छात्रा बेहोश हो गई। इस पर कल्लू ने पानी छिड़ककर उसे होश में लाने का प्रयास किया। स्कूल पहुंचने से पहले छात्रा के होश आ जाने पर उसे स्कूल में छोड़कर फरार हो गया। जिसे बाद में पुलिस ने सर्विलांस टीम की मदद से पॉलिटेक्निक चौराहा के पास से गिरफ्तार किया। रावतपुर के दुबिहार निवासी रविकांत शुक्ला पर 2009 में गोली चलाकर जानलेवा हमला करने के मामले में कल्लू को जेल भेजा गया था।
छात्रा से दरिंदगी ने ताजा कर दीं दिव्या कांड की यादें
वैन में सनसनीखेज वारदात ने 2010 में रावतपुर में हुए दिव्या हत्याकांड की यादें ताजा कर दीं। अंतर केवल इतना रहा कि दिव्या कांड में दुष्कर्म के बाद आरोपी ने उसकी हत्या कर दी थी। जबकि, यहां छात्रा से दुष्कर्म के बाद वैन चालक कल्लू उसे स्कूल छोड़ आया। अगर 2023 की बात की जाए तो इस साल आधा दर्जन से ज्यादा बच्चियां वहशीपन का शिकार हुई हैं।
दिल्ली के प्लेटफार्म पर लावारिस मिली थी पीड़िता की मां
पीड़ित छात्रा की मूक-बधिर मां छात्रा की नानी को करीब 25 साल पहले दिल्ली के प्लेटफार्म पर लावारिस हालत में मिली थी। वृद्धा उसे गोद में उठाकर काफी देर तक उसके माता-पिता का पता लगाने का प्रयास किया, लेकिन कुछ पता न चलने पर वह उसे अपने साथ शहर ले आईं।
दंपती के घर में दो बेटियों ने जन्म लिया
इसके बाद सगी बेटी की तरह उसकी परवरिश की। 19 साल का होने पर उसकी शादी उसके जैसे ही मूक बधिर से कर दी। कोई उनका शोषण न करे इसलिए बेटी-दामाद को अपने साथ ही रख लिया। तब मूक-बधिर दंपती के घर में दो बेटियों ने जन्म लिया। छात्रा के मामा-मामी भी उसी घर में रहते हैं।