ग्रीनपार्क क्रिकेट हॉस्टल से 12 खिलाड़ियों को बाहर कर दिया गया है। तीन साल से प्रदर्शन नहीं कर पाने के चलते क्रीड़ा विभाग ने यह कदम उठाया है।
इस आवासीय क्रिकेट छात्रावास में उन्हीं खिलाड़ियों को जगह दी जाती है, जिन्होंने तीन साल से एक भी बोर्ड ट्राफी या नेशनल स्कूल टूर्नामेंट में भाग लिया हो।
प्रदर्शन के मानक पर खरा नहीं उतरने पर सावन सिंह, शुभम पटेल, पार्थ पटेल, मोहम्मद आसिफ रजा, शार्दुल त्रिपाठी, अभय प्रताप सिंह, जुगल किशोर शर्मा, प्रकाश यादव, प्रथम मिश्रा, आयुष अत्री, अभिषेक यादव व आदित्य सिंह को बाहर किया गया है।
छात्रावास में रहने का मानक
खिलाड़ी को पहले तीन साल में बोर्ड ट्राफी (भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड की अंडर-16, 19 व 25) या स्कूल नेशनल खेलना आवश्यक है, अन्यथा छात्रावास के बाहर कर दिया जाता है।
यदि बोर्ड ट्राफी खेलता है तो दो साल का कार्यकाल बढ़ जाता है। रणजी ट्राफी खेलता है तो एक साल का कार्यकाल और बढ़ा दिया जाता है। भारतीय टीम में शामिल होता है तो एक साल और बढ़ा दिया जाता है।
जिम्मेदार बोले,
इंडियन टीम में चयन नहीं होने के पीछे सबसे बड़ी बात खिलाड़ियों का अपने कॅरियर के प्रति दिलचस्पी नहीं लेना है। ठीक है कि हमने लंबे समय से इंटरनेशनल स्तर के खिलाड़ी नहीं दिए, लेकिन नेशनल लेवल पर दिए हैं।
छात्रावास के प्रथम मिश्रा, प्रकाश यादव व अभय प्रताप सिंह तीन खिलाड़ी ऐसे हैं जो ज्वाइन करने के बाद छात्रावास दोबारा आए ही नहीं।
- सुनील कुमार सिंह, उपक्रीड़ाधिकारी, ग्रीनपार्क स्टेडियम