कानपुर। पंचायती राज ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष ने संघ के प्रदेश अध्यक्ष समेत अन्य पदाधिकारियों पर 21 लाख रुपये धोखाधड़ी करने का आरोप लगाकर कोर्ट के आदेश पर नवाबगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। आरोप है कि 1106 सफाई कर्मचारियों की ओर से प्रधानमंत्री राहत कोष में दी गई राशि गबन कर ली गई।
रायपुरवा शक्कर मिल खलवा निवासी बृजेश सुवाडोर उ़प्र पंचायती राज ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ में नवनिर्वाचित जिलाध्यक्ष हैं। उन्होंने दर्ज रिपोर्ट में बताया कि शहर में 1106 सफाई कर्मचारी हैं। इनसे 120 रुपये सदस्यता शुल्क प्रतिवर्ष के हिसाब से वर्ष-2009 से 2024 तक लिया गया।
आरोप है कि आजमगढ़ दीदारगंज के उसरहन कला निवासी संघ के प्रदेश अध्यक्ष कांती सिंह, लखनऊ बिजनाैर के रहीमाबाद निवासी पूर्व प्रदेश कोषाध्यक्ष व पूर्व महामंत्री बसंत लाल गौतम, लखनऊ के आशियाना निवासी वर्तमान प्रदेश महामंत्री रामेंद्र कुमार श्रीवास्तव, नवाबगंज विकास भवन निवासी पूर्व जिलाध्यक्ष व पूर्व मंडल उपाध्यक्ष अटल बिहारी पाल, वर्तमान जिलाध्यक्ष लालता प्रसाद, पूर्व जिलामंत्री गंगासागर, वर्तमान जिला महामंत्री बृजेश कटियार ने साजिश कर 16 वर्षों तक 120 रुपये प्रति कर्मचारी के हिसाब से लिया गया। यह राशि करीब 21.23 लाख है।
इसके अलावा आरोपियों ने प्रधानमंत्री राहत कोष में सहयोग राशि भेजने नाम पर हर कर्मचारी से एक हजार रुपये लेकर 10 लाख रुपये विकासनगर स्थित पीएनबी शाखा में अटल बिहारी पाल के खाते में जमा करा दिए गए। अप्रैल 2019 में 10 लाख के बजाय 8.51 लाख रुपये का डीडी बनवाकर राहत कोष में दिया गया।
आरोप है कि जानकारी होने पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों समेत थाने में शिकायत की लेकिन सुनवाई नहीं हुई। इस पर उन्होंने कोर्ट का सहारा लिया। नवाबगंज इंस्पेक्टर केशव तिवारी के अनुसार कोर्ट के आदेश पर प्रदेश अध्यक्ष समेत सात अन्य पदाधिकारियों पर रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है।