कानपुर। शिवराजपुर ब्लाॅक के कमालपुर खोदन स्थित बृहद गोशाला में पांच गोवंशों की माैत के मामले में ग्राम विकास अधिकारी राकेश झा निलंबित कर दिए गए। वहीं मुख्य पशु चिकित्साधिकारी (सीवीओ) ईश्वर देव नारायण ने पशु चिकित्साधिकारी डॉ. रमाकांत को नोटिस तक नहीं जारी किया। उन्होंने सारा दोष वीडीओ पर ही मढ़ दिया जबकि बजरंगदल के कार्यकर्ताओं ने इलाज के अभाव में गोवंशों की माैत होने का आरोप लगाया था।
शनिवार को बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने बृहद गोशाला के बाहर हंगामा किया था। इस दाैरान उन्होंने गोशाला की दुर्दशा के फोटो और वीडियो वायरल किए थे। इसमें कीचड़ में फंसे पांच गोवंश अंतिम सांस लेते दिख रहे थे। कार्यकर्ताओं ने इलाज के अभाव में दम तोड़ने का आरोप लगाया था। इसकी जानकारी डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह और सीडीओ दीक्षा जैन को हुई तो खलबली मच गई थी। अफसरों ने वीडीओ को निलंबित के निर्देश दिए थे और डॉक्टर पर भी सख्त कार्रवाई के लिए कहा।
सोमवार को परियोजना निदेशक आलोक कुमार ने वीडीओ को निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया। वहीं चिकित्साधिकारी के खिलाफ सीवीओ ने नोटिस तक नहीं जारी की। इस मामले में सीवीओ ने कहा कि गोवंशों का इलाज लगातार किया जा रहा था लेकिन अगर पर्याप्त भोजन ही नहीं मिलेगा तो कहां से चल पाएंगे। खाने की व्यवस्था करना वीडीओ का काम है। रमाकांत सीनियर डॉक्टर हैं। उनके खिलाफ शासन को लिखकर भेज दिया जाएगा।
वर्जन-
वीडीओ निलंबित हो गया है। डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई के लिए सीवीओ को निर्देश दिए गए थे। दोनों की लापरवाही है। सख्त कार्रवाई होगी। - दीक्षा जैन, सीडीओ