शेयरों की मानकों के विपरीत खरीद-बिक्री में शहर के करीब 100 निवेशक फंसे हैं। इनमें कई बड़े कारोबारी और बिल्डर शामिल हैं। इन्होंने किसी खास कंपनी के शेयरों को ऊपर उठाने के लिए लगातार खरीद-बिक्री की। भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने इन पर भारी भरकम पेनाल्टी लगाई है। हालांकि इससे राहत देने के लिए सेटलमेंट योजना भी शुरू की है।
सोमवार को 31 दिसंबर 2020 तक इसकी आखिरी तारीख बढ़ा दी गई है। दरअसल, एक अप्रैल 2014 से 30 सितंबर 2015 के बीच जिन निवेशकों ने बांबे स्टॉक एक्सचेंज से शेयरों को खरीदकर तत्काल बेच दिया, उन्हें सेबी ने प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर ट्रेड प्रैक्टिस के तहत नोटिस जारी किया और पेनाल्टी लगाई। इसमें देश के 26,000, उत्तर प्रदेश के 500 और कानपुर के 100 निवेशक शामिल हैं।
पेनाल्टी के विरोध में निवेशकों ने ट्रिब्यूनल में अपील दाखिल की कि शेयरों को खरीदकर तत्काल बेचना कोई गुनाह तो नहीं। बाद में यह मामला अपीलेट ट्रिब्यूनल भी गया। अपीलेट ट्रिब्यूनल ने सेबी को आदेश दिया कि सभी 26,000 खाताधारक अपील करेंगे तो सुनवाई कैसे होगी। लिहाजा कोई सेटलमेंट योजना लांच करें और मसला सुलझाएं।