पुखरायां। अटवा रजबहा की पटरी सोमवार रात कटने से 100 बीघा फसल जलमग्न हो गई। एक महीने से किसान परेशान हैं। कहीं न कहीं पटरी कट जा रही है। इससे फसल बर्बाद होने का अंदेशा बना हुआ है। किसानों ने मुआवजा दिलाने और पानी बंद करने की मांग की है।
हैदरपुर के पास सोमवार को पटरी कट गई। इससे खेतों के साथ ही पानी पास के एक भट्ठे में भरने लगा। भट्ठा मालिक अनुभव अग्रवाल ने बताया कि उन्होंने विभाग के एसडीओ से संपर्क किया। लेकिन समाधान नहीं हो सका।
दिनेश पाल, करन सिंह, रामप्रकाश, बाबू आदि किसानों ने बताया कि लाही, अरहर की फसलें पानी भरा रहने से सड़ने लगेंगी। इस रजबहा में 20 साल से पानी नहीं आया। इसकी सफाई भी नहीं कराई गई। अब निरंतर पानी छोड़ा जा रहा है।
मकरंदापुर, गुरुगांव, प्रहलादपुर, भरतपुर आदि गांवों के किसानों ने बताया कि कुछ दिनों पहले खेतों में जलभराव होने पर किराये की जेसीबी से खुदाई कराई थी। इससे पानी आगे की ओर जाने लगा था।
जिससे हैदरापुर, हांसेमऊ, सुखसौरा, श्यामसुंदरपुर गांवों के किसानों की फसल डूबने लगीं। इस पर अधिकारियों से पानी बंद कराने की गुहार लगाई थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। किसानों ने पानी बंद किए जाने की मांग की है।
इटावा प्रखंड के एसडीओ जनार्दन सिंह ने बताया कि नहर बंद कराए जाने के लिए अवर अभियंता को कहा गया है। वहीं, अवर अभियंता सुमिरन कुमार ने बताया कि नहर बंद करा दी गई थी। नहर दुबारा खोली गई है या अन्य किसी कारणों से रजबहा में पानी जा रहा है। इसकी जानकारी कर पानी बंद कराया जाएगा।