कानपुर देहात। खाद्य पदार्थों के नमूने फेेल होने या गलत छपा होने पर दर्ज कराए गए 41 मुकदमों में एडीएम प्रशासन पंकज वर्मा की कोर्ट ने 10.20 लाख रुपये जुर्माना लगाया है। खाद्य कारोबारियों को एक माह में अर्थ दंड जमा करने का निर्देश दिया गया है। इसके बाद भूराजस्व की तरह वसूली की जाएगी।
राजपुर के जय नागेश्वर ट्रेडर्स के यहां से अलग अलग तिथि में बन व ब्रेड का नमूना लिया गया था। दोनों नमूनों पर गलत छपा मिलने पर केस दर्ज कराया गया था। दोनों प्रकरण में एक-एक लाख रुपये अर्थदंड लगा है। गढ़िया संदलपुर के संजय सिंह चौहान की भट्ठी से भरे गए खोया और सट्टी के अमीख अहमद की दुकान से भरे गए सरसो तेल का नमूना फेल होने पर 60-60 हजार रुपये दंड लगाया गया है।
बिहारी में दीपू के केन से लिए गए दूध का नमूना फेल होने पर 60 हजार रुपये दंड लगा है। राजपुर के विजय विश्नोई की दुकान से भरा गया बेसन का नमूना मानक के विपरीत मिलने पर 50 हजार रुपये दंड लगाया गया है। हींग में गलत छपा मिलने पर कानपुर की एसके सेल्स पर 10 हजार रुपये व जेपी प्रोडक्ट पर 20 हजार रुपये जुर्माना लगा है। मूढ़ादेव के ऊदल सिंह के खोया का नमूना फेल होने पर 30 हजार रुपये व मंगलपुर के देवराज सिंह के छेना मिठाई की गड़बड़ी पर 20 हजार रुपये अर्थ दंड लगा है।
रूरा में गोपाल चौहान की बर्फी मानक के विपरीत मिलने पर 40 हजार रुपये और मैथा में भगवान शंकर गुप्ता के यहां सरसो का तेल मानक के विपरीत मिलने पर 30 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है। पुखरायां के जाबिर अली की दुकान से लिए गए टॉफी के नमूना में गलत छाप मिलने पर 25 हजार रुपये दंड लगाया गया है। वहीं, बिना पंजीकरण खाद्य कारोबार करने पर छतेनी के मंजीत, हैदरपुर के शानू, रसूलाबाद के सुशील पर 10-10 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है।