कानपुर पुलिस ने शहर के विभिन्न इलाकों में छापा मारकर इंटरनेशनल सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ किया है। रैकेट में टर्की समेत कई देशों की 12 लड़कियां बरामद हुई। इनमें से चार लड़कियां बर्रा से पकड़ी गई हैं। इनके पास से तीन लाख रुपए, प्रापर्टी के कागजात और आपत्तिजनक सामग्री भी मिली है। उनसे पूछताछ की जा रही है।
इस हाईप्रोफाइल मामले में देशभर के 100 से ज्यादा व्यापारियों के नाम सामने आए हैं। इनमें कानपुर के भी तीन व्यापारी शामिल हैं।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि सैक्स रैकेट का भंडाफोड़ भी ठीक उसी तरह किया गया जैसा कुछ दिन पहले भ्रूण परीक्षण के मामले में पकड़ा गया था। इस मामले में पुलिस ने स्टिंग आपरेशन का सहारा लिया और फर्जी ग्राहक बनाकर सैक्स रैकेट के अड्डों पर भेजा। कैमरे में सब कुछ कैद किया और फिर एक साथ कार्रवाई कर दी।
बताया गया कि चकेरी इलाके के एक घर पर छापा मारकर तीन लड़कियों समेत चार लोगों हिरासत में लिया गया। इसमें एक लड़की टर्की की बताई जा रही है। वह एक हाई प्रोफाइल दलाल के जरिए यहां कांट्रेक्ट पर लायी गई थी। मौके से पुलिस ने एक डायरी और मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। काल डिटेल खंगाली जा रही है।
उधर, गोविंद नगर, किदवई नगर समेत कई जगहों छापेमारी कर छह लोगों को पकड़ा है। इसमें तीन लड़कियां और एक दलाल भी शामिल है। यह रैकेट साउथ सिटी में मकान बदल-बदल कर धंधा करता था। रैकेट में एक शादीशुदा महिला भी है। वह अपने घर पर लड़कियों को बुलाती थी। कुछ लड़कियों को ग्राहकों के साथ बाहर भी भेजा जाता था पर इसके अधिक पैसे देने पड़ते थे।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक इनके ग्राहकों में कुछ कारोबारी और बड़े लोग भी थे। यह भी माना जा रहा है कि सेक्स रैकेट का यह धंधा बिना खाकी की सरपरस्ती के फलफूल नहीं सकता। इस वजह से खाकी पहनने के बाद भी फर्ज से गद्दारी करने वालों और उनके आकाओं को भी चिन्हित किया जा रहा है।
देररात पुलिस ने बताया कि निरालानगर के रतनदीप अपार्टमेंट में शालिनी गुप्ता उर्फ रेनू के मकान से चार महिलाएं और एक पुरुष पकड़े गए हैं। यहां पहले भी कॉलगर्ल रैकेट का भंडाफोड़ हो चुका है। जब इस बारे में एसएसपी यशस्वी से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि अभी पूरा रैकेट पकड़ में नहीं आया है। इस पर काम चल रहा है। सेक्स रैकेट में विदेशी के शामिल होने से मामले की गंभीरता बढ़ गई है।
बताया गया है कि पकड़े गए मोबाइल शहर के दो गुटखा व्यापारियों के हैं। पुलिस मान रही है कि इस इंटरनेशनल रैकेट को शहर के उद्योगपति चलाते थे। रैकेट में शामिल लड़कियों को प्रोजेक्ट हासिल करने के लिए इंजीनियरों की सेवा में भेजा जाता था।
पुलिस सूत्रों के अनुसार रैकेट संचालकों ने लड़कियों को अपार्टमेंट में कमरे किराये पर दे रखे हैं। वह दिखावे के लिए किसी प्राफेशनल कालेज से पढ़ाई भी कर रही हैं। सूत्र बताते हैं कि संचालक इन लड़कियों को कार में ले जाकर डील करती हैं। इसके लिए ग्राहकों को कार भी मुहैया करवाई जाती है।