चपुन्ना। युवक की तबीयत खराब होने पर परिजन पड़ोसी गांव के झोलाछाप के पास ले गए। इलाज के बाद युवक की हालत और बिगड़ गई। परिजन ग्रामीण आयुर्विज्ञान संस्थान सैफई ले गए। वहां पर इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजनों ने झोलाछाप पर मना करने के बाद भी गलत इलाज करने का आरोप लगाया है।
सौरिख थाना क्षेत्र के राजपुरकर्ना गांव निवासी रघुराज (20) की शुक्रवार रात तबीयत बिगड़ गई। परिजन पड़ोसी गांव के झोलाछाप के पास इलाज के लिए ले गए। युवक की मां रामसखी का आरोप है कि झोलाछाप ने ग्लूकोज की बोतल लगाई, लेकिन हालत में सुधार होने की बजाय बिगड़नी शुरू हो गई। उसके बाद झोलाछाप ने चार-पांच इंजेक्शन ग्लूकोज में और डाल दिए। रात 12 बजे हालत ज्यादा बिगड़ने लगी। तब परिजन युवक को बिधूना व इटावा ले गए, लेकिन डाक्टरों ने भर्ती करने से मना कर दिया। इसके बाद परिजन उसे ग्रामीण आयुर्विज्ञान संस्थान सैफई ले गए, यहां इलाज के दौरान सुबह चार बजे रघुराज की मौत हो गई। शव गांव पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया। रघुराज चार भाइयों में सबसे छोटा था। थाना प्रभारी सचिन सिंह ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। सीएमओ डाॅ. विनोद कुमार ने बताया कि मामला संज्ञान में नहीं है। स्वास्थ्य विभाग की टीम को भेजकर जांच कराई जाएगी। शिकायत सही पाए जाने पर झोलाछाप के खिलाफ कार्रवाई होगी।