मेधावी छात्राओं को चेक देती प्रधान कंचनलता चौहान।
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भले ही शासन की ओर से चलाई जा रही बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना धरातल पर साकार न हो पा रही हो, लेकिन एक महिला प्रधान ने इससे प्रेरणा लेकर अनूठी मिसाल पेश की है। महिला प्रधान ने सरकार की ओर से प्रतिमाह मिलने वाले मानदेय से होनहार छात्राओं के कल्याण का संकल्प लिया है। उन्होंने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली ग्राम पंचायत की छात्राओं को चेक दिए।
हसेरन विकास खंड के ग्राम कुंवरपुर काशीदीन की ग्राम प्रधान कंचनलता सिंह चौहान उन महिलाओं और प्रधानों के लिए आदर्श हैं, जो समाज के लिए कुछ करने का माद्दा रखते हैं। शासन की ओर से प्रत्येक ग्राम प्रधान को हर माह साढ़े तीन हजार रुपये मानदेय मिलता है। कंचनलता ने अपने मानदेय को गरीब कन्याओं में खर्च करने का संकल्प लिया। बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ मिशन से प्रभावित होकर उन्होंने छात्राओं को गोद ले लिया। उन्होंने बताया कि इंटरमीडिएट में प्रथम स्थान पाने वाली छात्राओं को तीन-तीन हजार और हाईस्कूल में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली छात्राओं को वह दो-दो हजार रुपये देंगी, जिससे कि उनकी आगे की पढ़ाई बाधित न हो। इतना ही नहीं, उन्होंने मेधावी छात्राओं की पढ़ाई का पूरा खर्चा मानदेय से उठाने की बात कही।
गांव में ही प्रधान ने छात्रा सपना, रागिनी, शिवानी, कविता, सोनम, रजनी, मंजूषा व कशिश को बुलाकर चेक प्रदान किए। प्रधान कंचनलता प्रधान का कहना है कि ग्राम पंचायत में अब किसी भी छात्रा की पढ़ाई आर्थिक अभाव में बंद नहीं होगी। इस दौरान विनय सिंह चौहान, सुधीर कुमार सिंह, प्रधान प्रतिनिधि कल्लू चौहान, बंटी चौहान, अरविंद सिंह, अमन सिंह, नरेंद्र सिंह व अहिवरन सिंह आदि रहे।