छिबरामऊ। नर्सिंग होम में प्रसव के बाद रविवार को महिला की मौत हो गई। नर्सिंग होम कर्मियों ने शव और परिजनों को बाहर निकालकर ताला लगा दिया और फरार हो गए। गुस्साए परिजनों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। सीओ, सीएमओ और तहसीलदार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। परिजनों ने कार्रवाई की मांग करते हुए शव को उठने नहीं दिया। बाद में अफसरों ने परिजनों को समझाकर शांत कराया। पांच घंटे बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा सका।
गुरसहायगंज क्षेत्र के ग्राम पालमपुर निवासी सुनील कुमार जाटव की पत्नी करिश्मा के शनिवार रात प्रसव पीड़ा होने पर छिबरामऊ के खुबरियापुर रोड स्थित नर्सिंग होम लेकर पहुंचे। सुनील का आरोप है कि रात भर इंतजार के बाद प्रसव न होने पर नर्सिंग होम संचालक ने बिना सर्जन को बुलाए सुबह आठ बजे ऑपरेशन शुरू कर दिया। बच्चे के जन्म के बाद ही पत्नी की हालत बिगड़नी शुरू हो गई। कुछ ही देर में करिश्मा की मौत हो गई। उसके बाद संचालक ने शव व बच्चे के साथ उसे नर्सिंग होम से बाहर निकाल दिया और कर्मचारियों के साथ ताला डालकर मौके से चला गया।
महिला की मौत से गुस्साए मायके व ससुराल पक्ष समेत गांव के कई लोग नर्सिंग होम पहुंच गए और लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। हंगामे की सूचना पर कोतवाल विष्णुकांत तिवारी पुलिस बल के साथ पहुंच गए। भीड़ देख विशुनगढ़ थाना पुलिस को भी बुलवा लिया गया। कुछ देर बाद तहसीलदार अवनीश कुमार सिंह व सीओ सुरेश मलिक भी पहुंच गए। हंगामा कर रही भीड़ को समझाकर शांत किया। कोतवाल ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। स्वास्थ्य महकमे की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
आशा कार्यकर्ता ले गई थी नर्सिंग होम
सुनील ने बताया कि 30 अगस्त 2024 को उसकी शादी करिश्मा के साथ हुई थी। प्रसव के लिए गांव की आशा कार्यकर्ता के साथ सीएचसी गए थे। यहां हालत ठीक न होने पर स्वास्थ्य कर्मी ने बाहर ले जाने की सलाह दी। उसके बाद आशा कार्यकर्ता बेहतर इलाज का भरोसा दिलाते हुए खुबरियापुर रोड स्थित नर्सिंग होम ले गई थी।
नर्सिंग होम से गायब मिला डीवीआर व अभिलेख
नर्सिंग होम में प्रसव के बाद महिला की मौत की जानकारी होने पर सीएमओ डाॅ. स्वदेश गुप्ता टीम के साथ मौके पर पहुंचे। ताला पड़ा होने पर किसी तरह प्रयास कर चाबी मंगवाकर नर्सिंग होम खुलवाया गया। सीसीटीवी का डीवीआर व अन्य अभिलेख गायब मिले। सीएमओ ने बताया कि नर्सिंग होम प्रशासन के किसी कर्मचारी के न मिलने के कारण जांच पूरी नहीं हो पाई है। डीवीआर, मृतक महिला की बीएचटी, ऑपरेशन करने वाले चिकित्सक के बारे में जानकारी के लिए अभिलेख मांगे जाएंगे। लापरवाही पर नर्सिंग होम संचालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
30 जनवरी को हो चुकी है नवजात की मौत
छिबरामऊ क्षेत्र के अतिराजपुर निवासी विपिन दीक्षित ने 30 जनवरी को प्रसव के लिए पत्नी निशा दीक्षित को इसी नर्सिंग होम में भर्ती कराया था। यहां चिकित्सक ने अपने अप्रशिक्षित सहयोगियों के साथ मिलकर निशा का ऑपरेशन कर प्रसव कराया था। प्रसव के बाद नवजात की मौत हो गई थी। गांव के लोगों ने हंगामे के दौरान चिकित्सक पर ऑपरेशन करने का अधिकार न होने के बाद भी ऑपरेशन करने के कारण बच्चे की मौत होने का आरोप लगाया था।