कन्नौज। सुहाग के कत्ल के बाद जिस पत्नी ने पुलिस के सामने रो-रोकर अज्ञात कातिलों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था, वही उसकी हत्या की मुख्य सूत्रधार निकली। अवैध संबंधों में रोड़ा बन रहे पति को रास्ते से हटाने के लिए पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर खौफनाक साजिश रची थी। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय हरिप्रसाद की अदालत ने बुधवार को साक्ष्यों व फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर आरोपी पत्नी संध्या और उसके प्रेमी अजय को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास सुनाया। साथ ही 10-10 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
मामला तिर्वा कोतवाली क्षेत्र के धरमंगदपुर गांव का है। 26 जून 2023 की रात मनोज कुमार पाल की निर्मम हत्या कर दी गई थी। अगली ही सुबह (27 जून) पत्नी संध्या बिलखते हुए थाने पहुंची और अज्ञात हमलावरों के खिलाफ कत्ल की प्राथमिकी दर्ज कराई। पुलिस ने जब पड़ताल शुरू की, तो संध्या के बयान बार-बार बदलते नजर आए। गहन जांच में फिरोजपुर निवासी अजय के साथ संध्या के अवैध संबंधों की बात सामने आई। शक गहराने पर पुलिस ने अजय की निशानदेही पर उसके घर के पीछे खेत से खून से सना डंडा और लोहे का गड़ासा (आला-कत्ल) बरामद किया। असली मोड़ तब आया जब फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट आई। हथियार पर मिले खून के नमूनों की जांच में चौंकाने वाला सच सामने आया। आला-कत्ल पर मृतक के साथ-साथ पत्नी के रक्त के निशान भी पाए गए। सख्ती से पूछताछ करने पर संध्या टूट गई और उसने प्रेमी अजय के साथ मिलकर साजिश रचने और पति की हत्या करने का जुर्म कबूल कर लिया।
पुलिस ने दोनों के खिलाफ हत्या और साक्ष्य मिटाने की धाराओं में चार्जशीट दाखिल की थी। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और फॉरेंसिक साक्ष्यों को निर्णायक मानते हुए संध्या और अजय को उम्रकैद की सजा सुनाई। फैसले के तुरंत बाद पुलिस ने दोनों दोषियों को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया। शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि मनोज मां-बाप का इकलौता बेटा था। उसकी हत्या के बाद परिवार का दीपक ही बुझ गया। अब पत्नी और उसका प्रेमी ताउम्र जेल की सलाखों के पीछे रहेंगे।