सर्दी का मौसम आते ही जहां गर्म कपड़ों की मंाग शुरू हो जाती थी। वहीं इस बार नोट बंदी के चलते ग्राहक न आने से दुकानदार परेशान हैं। बजारों में सन्नाटा पसरा हुआ है। दुकानदारों को दुकान में लगा स्टाक भी खत्म करने में दिक्कतें आ रही हैं।
सर्दी के मौसम ने दस्तक दे दी है। दुकानदारों ने गर्म कपड़ों का स्टाक करना भी शुरू कर दिया है। नोटबंदी के चलते इस बार ग्राहक कम आने से दुकानदार परेशान हैं। वही व्यापारी जगह-जगह सेल लगाकर ग्राहकों को लुभाने का प्रयास कर रहे हैं। फेरी लगाने वाले कपड़ा व्यापारी सुधांशु ने बताया कि गर्म कपड़ों की खरीददारी करने के लिए ग्राहक तो आ रहे हैं। लेकिन फुटकर पैसे न होने से माल बेचने में दिक्कतें आ रही हैं।
कपड़ा व्यापारी पप्पू ने बताया कि मौसम को देखते हुए इस बार माल अधिक मंगवाया गया है। लेकिन लोगों के पास पैसे न होने के कारण कम लोग ही खरीददारी करने के लिए आ रहे हैं। इससे कपड़ा व्यापारियों के सामने स्टाक लगे माल को बेचने की समस्या खड़ी हो गई है।
कपड़ा व्यापारी उदय राज सिंह चौहान ने बताया कि सर्दी के मौसम में जैकेट, इनर, ब्लेजर, स्वेटर, कोटी की मांग को देखते हुए इस बार माल अधिक मंगवाया गया है। लेकिन अभी ग्राहक नहीं आ रहे हैं। ग्राहकों के सामने सबसे बड़ी दिक्कत फुटकर पैसों की आ रही है।
सिंथेटिक रजाईयों की बढ़ी मांग
कन्नौज। सर्दी का मौसम शुरू होते ही रजाई की भराई शुरू हो गई है। रजाई भरने का काम करने वाले कारीगर सर्वेश ने बताया कि इस बार सिंथेटिक रजाई की मांग ज्यादा हो रही है। अधिकांश ग्राहक सिंथेटिक रजाई की मांग कर रहे हैं। सिंथेटिक रुई गर्म होती है, दबती भी नहीं है।