छिबरामऊ(कन्नौज)। लेखपालों से विवाद के बाद अनिश्चितकालीन हड़ताल पर गए वकीलों को अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल का भी साथ मिला है। शुक्रवार को अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य राजीव दुबे, जिला महामंत्री नरेश वर्मा, जिला कोषाध्यक्ष रामानंद वर्मा, नेमीचंद्र राठौर, सुरेश वर्मा पेंटर व श्रवण कुमार तोमर तहसील पहुंचे। इन्होंने इस लड़ाई में अधिवक्ताओं का साथ देने का एलान किया। उधर, वकीलों ने तहसील परिसर में प्रदर्शन कर नारेबाजी की। वकीलों ने लेखपालों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए उनकी संपत्ति की जांच कराने की मांग की।
शुक्रवार को बार एसोसिएशन के अध्यक्ष जितेंद्र श्रीवास्तव जीतू, महासचिव ललित प्रताप सिंह के नेतृत्व में वकीलों ने तहसील परिसर में जुलूस निकालकर नारेबाजी की। पूर्व अध्यक्ष शिवराम सिंह चौहान ने कहा कि वकीलों की यह लड़ाई भ्रष्टाचार के खिलाफ है। कुछ अधिकारी लेखपालों को बढ़ावा दे रहे हैं। लेखपालों की संपत्ति की जांच कराई जाए। पूर्व अध्यक्ष अरविंद सिंह राठौर ने कहा कि अधिवक्ता अब इस लड़ाई को अंतिम सांस तक लड़ेंगे। प्रशासन वकीलों के साथ कितना भी असहयोगात्मक रवैया क्यों न अपनाए, वह पीछे नहीं हटेंगे। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष जितेंद्र श्रीवास्तव जीतू ने कहा कि वकीलों के सम्मान से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सम्मान की लड़ाई जारी रहेगी। वकीलों के आंदोलन के चलते तहसील परिसर के चप्पे-चप्पे पर पुलिस फोर्स की तैनाती की गई थी। सीओ शिव कुमार थापा, प्रभारी निरीक्षक शैलेंद्र मिश्रा, सौरिख थानाध्यक्ष राजकुमार सिंह पुलिस बल के साथ लगातार तहसील परिसर में मौजूद बने रहे।
इस दौरान छिबरामऊ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह यादव, पूर्व अध्यक्ष रामचंद्र मिश्रा, राजकुमार सिंह, अशोक श्रीवास्तव, अवनींद्र यादव, देवेश शुक्ला, नेम सिंह यादव, चंद्रजीत यादव, रजनीश यादव, आशीष श्रीवास्तव, सुधाकर अग्निहोत्री, केटी मिश्रा, देवेंद्र वर्मा, चित्रांश राय सक्सेना, इबने अली, दिलीप तिवारी, रूपेश दुबे व विमलेश राजपूत सहित कई अधिवक्ता मौजूद रहे।
लाइन हाजिर कोतवाल के समर्थन में उतरे वकील
लेखपालों व वकीलों में मारपीट के बाद दोनों ओर से की गई हड़ताल के बाद पुलिस अधीक्षक अमरेंद्र प्रसाद सिंह ने छिबरामऊ के कोतवाल आलोक कुमार राय को देर रात लाइन हाजिर कर दिया। सुबह कचहरी पहुंचने पर वकील पुलिस अधिकारियों के इस निर्णय पर सवाल उठा रहे थे। प्रदर्शन के दौरान कोतवाल आलोक राय जिंदाबाद के नारे लगाए गए।
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