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दो ब्लाकों में संगीनों के साये में आज पड़ेंगे वोट

Fri, 04 Dec 2015 11:48 PM IST
ब्यूूराे/अमर उजाला, कन्नौज
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पंचायत चुनाव के तीसरे चरण में विकास खंड तालग्राम और गुगरापुर में शनिवार को वोट पड़ेंगे। दोनों ब्लाकों में कुल 1,97,849 मतदाता 149 मतदान केंद्रों पर अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। प्रधान पद के 867 उम्मीदवारों का भाग्य मतपेटी में बंद होगा।
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27 सेक्टर मजिस्ट्रेट, छह जोनल  मजिस्ट्रेट व छह सुपर जोनल मजिस्ट्रेट मतदान के दौरान घूम-घूमकर जायजा लेंगे। वहीं अति संवेदनशील प्लस की श्रेणी में चिह्नित 24 बवाली मतदान केंद्रों पर डीएम और एसपी की सीधी नजरें रहेंगी। तालग्राम ब्लाक क्षेत्र में कुल 67 ग्राम प्रधान पदों के लिए 637 प्रत्याशी मैदान में हैं।

यहां 1,46,656 मतदाता उम्मीदवारों की किस्मत पर मुहर लगाएंगे। मतदान के लिए 106 मतदान केंद्र व 214 बूथ बनाए गए हैं। इस ब्लाक को 18 सेक्टर एवं चार जोन में बांटा गया है। यहां मतदान के दौरान पूरे दिन 18 सेक्टर मजिस्ट्रेट, चार जोनल मजिस्ट्रेट व चार सुपर जोनल मजिस्ट्रेट घूम-घूमकर चुनावी व्यवस्था का जायजा लेंगे।
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यदि कहीं गड़बड़ी या फर्जी मतदान की सूचना मिलेगी तो फौरन घटनास्थल पर पहुंचेंगे। तालग्राम में 11 मतदान केंद्र व 29 बूथों को अति संवेदनशील प्लस घोषित किया गया है, जबकि 16 मतदान केंद्र व 40 बूथों को अति संवेदनशील, 29 मतदान केंद्र व 55 बूथों को संवेदनशील श्रेणी में चिह्नित करके रखा गया है।

गुगरापुर ब्लाक क्षेत्र में 23 ग्राम प्रधान पद के लिए 200 उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतरे हैं। यहां 5,1193 मतदाता उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेंगे। वोट डालने के लिए 43 मतदान केंद्र और 80 बूथ बनाए गए हैं। इस ब्लाक में 13 मतदान केंद्र व 30 बूथ अति संवेदनशील प्लस, सात मतदान केंद्र व 15 बूथ अति संवेदनशील और सात मतदान केंद्र व 13 बूथ संवेदनशील श्रेणी के चिह्नित किए गए हैं।

यहां के आरओ अशोक शर्मा बनाए गए हैं। गुगरापुर ब्लाक को नौ सेक्टर व दो जोन में बांटा गया है। यहां नौ सेक्टर, दो जोनल व दो सुपर जोनल मजिस्ट्रेट मतदान के दौरान शांति व सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए कमान संभालेंगे। उधर, तीसरे चरण के चुनाव में गंगा व काली नदी के किनारे के कटरी क्षेत्र के साथ ही दोनों नदियों के बीच बसे दुर्गम इलाके में भी वोट पड़ेंगे।

यहां शांतिपूर्ण चुनाव कराना किसी चुनौती से कम नहीं है। यही वजह है कि अधिकारी भी इस मसले पर सक्रिय हैं। चुनाव से जुड़े एक अधिकारी की मानें तो पहले चरण के चुनाव में कटरी क्षेत्र के गांव में ही बूथ लुटेरों ने मतपेटियां लूटने के बाद स्याही डाली व कुएं में फेंक दी थीं।

इस कारण यहां दोबारा मतदान कराना पड़ा था। यही वजह है कि तीसरे चरण के चुनाव का दायरा कटरी क्षेत्र में आने के कारण प्रशासन के साथ ही खुफिया तंत्र भी सक्रिय है। उन गांवों में खास सुरक्षा के इंतजाम के साथ ही मानीटरिंग करने की रणनीति बनाई है, जहां बवाल की आशंका है या झगड़ालू प्रवृत्ति के प्रत्याशी मैदान में हैं।
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