छिबरामऊ। गृहक्लेश से तंग महिला शनिवार को रोडवेज बस स्टैंड स्थित पति के मिष्ठान भंडार पर पहुंची। वहां उसने गैस भट्ठी पर चढ़ी कढ़ाही उठाकर फेंक दी और अपना मुंह भट्टी में झोंक दिया। कुछ ही देर में कपड़ों ने आग पकड़ ली। जान बचाने के लिए महिला मुख्य मार्ग पर 20 मीटर तक दौड़ी। परिजनों ने पीछा कर आग बुझाई और अस्पताल ले गए। गंभीर हालत में उसे ग्रामीण आयुर्विज्ञान संस्थान रेफर कर दिया गया।
मोहल्ला बजरिया निवासी वीरेंद्र गुप्ता की रोडवेज बस स्टैंड के सामने मिठाई की दुकान हैं। सुबह पत्नी रूपाली की परिजनों से कहासुनी हो गई। रूपाली इसकी शिकायत लेकर दुकान पर पहुंच गई पर पति वीरेंद्र मौजूद नहीं थे। दुकान पर मौजूद लोगों से कुछ देर वार्ता के बाद उसने गैस भट्ठी पर रखी कढ़ाही को उठाकर फेंक दिया और जलती हुई भट्ठी के सामने अपना मुंह झोंक दिया। चेहरा और बाल झुलसने के साथ ही कपड़ों ने आग पकड़ ली।
छटपटाते हुए जान बचाने के लिए वह स्टेट बैंक की तरफ मुख्य मार्ग पर भागी। पीछे से दुकान पर मौजूद लोगों ने दौड़कर उसे पकड़ा और बोरे आदि डालकर आग बुझाई। इस बीच परिजन भी मौके पर पहुंच गए और महिला को अस्पताल ले गए। डाॅ. विपिन सचान ने हालत नाजुक होने पर प्राथमिक इलाज के बाद ग्रामीण आयुर्विज्ञान संस्थान सैफई रेफर कर दिया। घटना को लेकर बताने की बजाय परिजन चुप्पी साधे रहे। कोतवाल विष्णुकांत तिवारी ने बताया कि मामले की जानकारी नहीं है। चौकी प्रभारी को भेजकर मामले की जांच कराई जाएगी।