प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते ग्रामीण।
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बारिश से विकास खंड हसेरन का जरिहापुर गांव टापू बन गया है। जलनिकासी व्यवस्था ध्वस्त होने से पानी लोगों के घरों में भर गया। इससे शुक्रवार सुबह तीन मकान भी गिर गए। एक बालक पानी में डूबने से बाल-बाल बचा। समस्याओं से घिरे ग्रामीणों ने सुबह प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए जोरदार नारेबाजी की और समस्या से निजात दिलाने की मांग की।
शुक्रवार सुबह भारी बारिश के बाद जरिहापुुर गांव की हालत सबसे अधिक खराब हो गई। गांव के बीच में ग्राम सभा का तालाब बना हुआ है। इसके किनारे लोगों ने अतिक्रमण कर लिया है। तालाब की नाली पर सीसी रोड बना दी गई, इससे जलनिकासी पूरी तरह अवरुद्ध हो गई। बरसात के बाद तालाब का पानी उफनाकर घरों में घुस गया। इससे तीन कच्चे मकान ढह गए। वहीं तालाब में लालू सक्सेना का 6 साल का बेटा रितिक डूबने लगा। किसी तरह ग्रामीणों ने उसे बाहर निकाला। घरों में पानी भरने से लोग छतों पर अपनी गृहस्थी का सामान रखे हुए हैं।
सुबह से ग्रामीण अपने खर्च से जनरेटर लगाकर तालाब का पानी निकाल रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। सूचना पाकर खंड विकास अधिकारी जेएन राव गांव पहुंचे। उन्होंने ग्राम प्रधान को नालियों की सफाई कराने के निर्देश दिए। गांव में सभी नाले और नालियां चोंक पड़े थे, इस पर ग्रामीणों ने बीडीओ के सामने अपनी नाराजगी व्यक्त की। गांव के गोविंद, अमरनाथ, लालू, गौतम, अशोक, अरविंद, रमेशचंद्र, उमेश, सरमन तिवारी, मुन्नालाल, प्रमोद, रामजी, संतोष, नीरज, टिंकू व गौरव आदि ने बताया कि बारिश से पहले नालियों की सफाई हो जाती, तो यह दिक्कत उत्पन्न नहीं होती। तालाब की जलनिकासी की कोई व्यवस्था नहीं है। प्रशासन की अनदेखी से कई घर गिरने के कगार पर पहुंच गए हैं।