एसडीएम आवास के बाहर प्रदर्शन करते ग्रामीण।
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क्षेत्र की ग्राम पंचायत मिघौली में कोटा चयन की बैठक के दौरान ग्रामीणों ने हंगामा किया। एक पक्ष ने फर्जी तरीके से कोटेदार का चयन करने का आरोप लगाते हुए एसडीएम आवास पर प्रदर्शन किया, तो वहीं दूसरे पक्ष ने कोटा चयन को सही बताते हुए अधिकारियों को पत्र भेजा है।
शुक्रवार को क्षेत्र की ग्राम पंचायत मिघौली के अंतर्गत आनंदीदेवी मंदिर माधौनगर में एडीओ पंचायत यदुनंदनलाल, एडीओ सहकारिता मनोज कुमार गुप्ता, सचिव रामऔतार के निर्देशन में कोटा चयन की खुली बैठक की गई। बैठक में जब वोटिंग हुई तो एक पक्ष ने कोरम पूरा न होने का हवाला देते हुए बैठक निरस्त करने की मांग की। हंगामे के बीच ग्राम मनिकापुर निवासी शकुंतला देवी पत्नी ब्रजेंद्र सिंह का चयन कर लिया गया, जबकि उनकी प्रतिद्वंदी ग्राम रकरा निवासी अर्चना दुबे पत्नी विपिन दुबे 9 वोटों से हार गई।
इसके बाद विपिन दुबे के नेतृत्व में सैकड़ों ग्रामीण उपजिलाधिकारी मंशाराम वर्मा के आवास पर आ धमके और फर्जी तरीके से कोटा चयन का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। विपिन के मुताबिक ग्राम सभा में 629 मतदाता है, जिसमें 1286 लोगों की मौजूदगी होनी चाहिए थी, लेकिन बैठक में 1061 लोग मौजूद थे। इस वजह से कोरम पूरा न होने के कारण प्रक्रिया निरस्त कर दी गई। ग्रामीणों की अनुपस्थिति में एक भाजपा नेता ने चयनकर्ताओं पर दबाव बनाकर अपने रिश्तेदार का चयन करवा दिया। ग्रामीणों ने एसडीएम से चयन प्रक्रिया दोबारा कराए जाने की मांग की है। इस संबंध में एडीओ पंचायत यदुनंदनलाल ने बताया कि बैठक में कोरम पूरा नहीं हुआ था। इसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जा रही है।