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सर्वे करने गई टीम को गांव से भगाया

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कन्नौज। जलालपुर सरवन गांव में कोरोना वैक्सीन लगवाने पर महिला की हालत बिगड़ने का आरोप लगाकर ग्रामीणों ने सर्वे करने पहुंचीं आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को गांव से निकाल दिया। मामले की जानकारी सीएमओ को दी गई। जिला अस्पताल में भर्ती महिला की जांच कराई गई तो वह डेंगू पॉजिटिव निकली।
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जिला अस्पताल के निकट जलालापुर सरवन में छह सितंबर को कोरोना वैक्सीन केे लिए कैंप लगाया गया था। इस दौरान ग्रामीणों ने वैक्सीन लगवाई थी। शायरा(54) पत्नी जाकिर ने वैक्सीन लगवाई। इसके बाद इनकी हालत बिगड़ गई। परिजनों नेे जिला अस्पताल में भर्ती करा दिया। यहां उपचार के बाद भी हालत गंभीर होती गई।
शुक्रवार को आशा सुखदेवी व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मैना गांव में बुखार पीड़ित और कोरोना वैक्सीन लगवा चुके लोगों का सर्वे करने पहुंचीं। इन्हें देख ग्रामीण इन पर भड़क गए। गलत कोरोना वैक्सीन लगवा देने का आरोप लगाते हुए हंगामा काटने लगे। इससे सर्वे कार्य में बाधा खड़ी हो गई। साथ ही दोनों कर्मचारियों को गांव से बाहर कर दिया। इसकी जानकारी आशा ने सीएमओ डॉ. विनोद कुमार को दी। सीएमओ ने गांव में टीम भेजने की बात कही। इसके बाद आशा व आंगनबाड़ी जिला अस्पताल पहुंचीं। इन्होंने भर्ती महिला के स्वास्थ्य के संबंध में जानकारी ली। यहां पाया गया कि महिला को उल्टी आ रही थी।
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इसके बाद महिला की डॉक्टरों ने जांच कराई तो पाया कि महिला डेंगू पॉजिटिव है। इसके बाद चिकित्सकों ने राहत की सांस ली। स्वास्थ्य विभाग इसको लेकर परेशान था कि कोरोना वैक्सीन लगने से महिला की हालत खराब हुई है। जांच में डेंगू की पुष्टि के बाद महिला का उपचार शुरू किया गया। सीएमओ डॉ. विनोद कुमार का कहना है कि जो लोग कोरोना वैक्सीन से हालत खराब होने की बात कह रहे, वह गलत हैं। कोरोना वैक्सीन से कोई नुकसान नहीं है। अगर कोई पहले से किसी बीमारी के ग्रस्त है तो उसकी वजह से दिक्कत हो सकती है, कोरोना वैक्सीन से नहीं।
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